पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया है। एनडीए गठबंधन के चार घटक दल भाजपा, एआईएनआरसी, एआईएडीएमके और लक्ष्य जनता नायक काची के बीच सीट बांटे गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा सीटें मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की पार्टी को मिली हैं। पढ़ें, किसे कितनी सीटें मिली हैं...
पुदुचेरी में सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन ने सीट बंटवारे का फार्मूला तय कर लिया है, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। राज्य में एनडीए के तहत ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस (एआईएनआरसी), जो मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की पार्टी है, सबसे ज्यादा 16 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 10 सीटें मिली हैं। इसके अलावा गठबंधन के अन्य साथी एआईएडीएमके और लक्ष्य जनता नायक काची (एलजेके) को दो-दो सीटें दी गई हैं। यानी कुल 30 सीटों वाली विधानसभा के लिए एनडीए ने आपसी समझ से पूरा बंटवारा कर लिया है।
मनसुख मंडाविया के साथ सीएम रंगासामी की बैठक
मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ बैठक के बाद साफ कर दिया कि उनकी पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन जारी रखेगी। भाजपा ने भी सोशल मीडिया पर दावा किया कि इस समझौते के बाद पुदुचेरी में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने का रास्ता साफ है।
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विधानसभा चुनाव को लेकर क्या है विपक्ष की रणनीति?
वहीं दूसरी तरफ विपक्ष भी अपनी रणनीति बनाने में जुट गया है। पुदुचेरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) ने डीएमके (डीएमके) के साथ गठबंधन और सीट बंटवारे पर चर्चा के लिए सात सदस्यों की एक समिति बनाई है। यानी आने वाले दिनों में विपक्षी गठबंधन की तस्वीर भी साफ हो सकती है।
पुदुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान, 4 मई को आएंगे नतीजे
अगर चुनाव की बात करें तो पुदुचेरी में 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को खत्म हो रहा है, इसलिए उससे पहले नई सरकार का गठन हो जाएगा।
2021 और 2026 में कैसा था चुनावी रण?
पिछले चुनावों पर नजर डालें तो 2021 में एआईएनआरसी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जिसे 10 सीटें मिली थीं। वहीं डीएमके को छह सीटें मिलीं और भाजपा व कांग्रेस दोनों को छह-छह सीटें मिली थीं। उस चुनाव में मतदान प्रतिशत करीब 84.8% रहा था, जो काफी अच्छा माना जाता है। अगर 2016 की बात करें, तो उस समय कांग्रेस ने 15 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। एआईएनआरसी को आठ सीटें मिली थीं, एआईएडीएमके को चार और डीएमके को दो सीटें मिली थीं।