पुडुचेरी विधानसभा चुनाव को लेकर सी वोटर के सर्वे में कांग्रेस के गढ़ में सेंध का असर दिखाई दे रहा है। यहां कांग्रेस के हाथों से सत्ता खिसकती हुई नजर आ रही है। ताजा एग्जिट पोल में पुडुचेरी में कांग्रेस को 8 सीट मिलने का अनुमान है। पिछले चुनावों की तुलना में यहां कांग्रेस को 9 सीटों का नुकसान होता दिख रहा है।
वहीं एनडीए गठबंधन को पुडुचेरी में 21 सीटें मिलने का अनुमान है। यदि यह नतीजे हकीकत में तब्दील होते हैं तो इसका साफ अर्थ है कि पुडुचेरी में एनडीए गठबंधन की सरकार बनने जा रही है।
करीब-करीब सभी ने दिखाई भाजपा गठबंधन की बढ़त
सर्वे एजेंसी आजतक-एक्सिस माय इंडिया ने अपने सर्वे में कांग्रेस गठबंधन को 6-10 सीटें दी हैं, जबकि भाजपा गठबंधन को 20-24 सीटों का अनुमान दर्शाया है। इसी तरह टीवी9 भारतवर्ष के सर्वे में कांग्रेस गठबंधन को 11-13 सीटें और भाजपा गठबंधन को 17-19 सीट मिलने का अनुमान है। वहीं दूसरी तरह बात करें रिपब्लिक-सीएनएक्स के एग्जिट पोल की तो इसमें भी भाजपा गठबंधन को मजबूत स्थिति में दिखाया गया है। रिपब्लिक-सीएनएक्स के सर्वे के अनुसार कांग्रेस गठबंधन को 11-13 सीटें और भाजपा गठबंधन को 16-20 सीटें मिल सकती हैं।
साल 2016 में कांग्रेस को मिली थीं 17 सीटें
बता दें कि साल 2016 के चुनाव में पुडुचेरी में कांग्रेस को 17 सीटें मिली थीं। एनडीए गठबंधन को 12 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। लेकिन इस बार एनडीए को 9 सीटों का फायदा हो रहा है, जबकि कांग्रेस को 9 सीटों का नुकसान। वहीं अन्य दल के खाते में 1 सीट जाने का अनुमान है।
बता दें कि पुडुचेरी में सभी 30 विधानसभा सीटों के लिए छह अप्रैल को मतदान हुआ था। पुडुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस नीत गठबंधन के तहत कांग्रेस 14, द्रमुक 13, भाकपा एक और वीसीके एक सीट पर चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन दे रही है।
कांग्रेस ने घोषणा पत्र में किए थे ये वादे
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने घोषणापत्र जारी कर प्रदेश की जनता से कुछ खास वादे किए थे। कांग्रेस के घोषणापत्र में सभी का मुफ्त कोविड-19 टीकाकरण, ‘नीट’ एवं नई शिक्षा नीति को रद्द करने और गृहिणियों के लिए प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता देने का एलान किया था। इसके अलावा पार्टी ने बंद पड़े मिलों को फिर से खोलने, शहीदों के परिजन की पेंशन में वृद्धि करने जैसे कई वादे किए थे।
नई शिक्षा नीति को रद्द करने का एलान
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए कहा था कि नई शिक्षा नीति को रद्द करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की नई शिक्षा नीति को रद्द कराने के लिए वचनबद्ध है।
घोषणापत्र में ऋण माफ करने का भी जिक्र
पार्टी ने कराईकल में कृषि विश्वविद्यालय एवं केद्रशासित प्रदेश में एक विधि विश्वविद्यालय स्थापित करने का भी वादा किया था। घोषणापत्र में कहा गया कि पिछड़ा वर्ग निगम एवं पुडुचेरी आदि द्रविड़ विकास निगम के माध्यम से ऋण लेने वालों का कर्ज माफ भी किया जाएगा।