केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधायक ए जॉन कुमार ने मंगलवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही सामी सरकार अल्पमत में आ गई है, क्योंकि 30 सदस्यीय विधानसभा में उसके पास 14 ही विधायक का समर्थन रह गया है, जबकि 15 की जरूरत है। कुमार का इस्तीफा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे से ठीक पहले हुआ है। कुमार मुख्यमंत्री वी नारायण सामी के करीबी माने जाते हैं। विपक्ष ने मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा है।
सत्तापक्ष व विपक्ष के 14-14 सदस्य रह गए
पुडुचेरी की 33 सदस्यीय विधानसभा में अब विपक्ष के सदस्यों की संख्या भी 14 है। हालांकि, नारायणसामी ने विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए दावा किया कि उनकी सरकार को सदन में ‘बहुमत’ हासिल है। बता दें कि पुडुचेरी विधानसभा के लिए अगले कुछ महीनों में चुनाव होने वाले हैं।
एक माह में चार विधायकों के इस्तीफे
पुडुचेरी के कांग्रेस विधायक ए जॉन कुमार ने मंगलवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, इसके साथ ही गत एक महीने में वह चौथे विधायक हो गए हैं जिन्होंने विधायक पद छोड़ा है। कुमार के इस्तीफे के साथ ही विधानसभा में स्पीकर सहित कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 10 सदस्य रह गई है। जबकि उसके सहयोगी द्रमुक के तीन सदस्य हैं एवं निर्दलीय सदस्य भी नारायणसामी की सरकार को समर्थन दे रहा है।
बहुमत के लिए चाहिए 15 विधायक
सदन में प्रभावी सदस्यों की संख्या के आधार पर बहुमत का आंकड़ा 15 है। पुडुचेरी विधानसभा का चुनाव अप्रैल में होने की उम्मीद है क्योंकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 21 जून 2021 को समाप्त हो रहा है।
कुमार के इस्तीफा के बाद मंगलवार को विधानसभा में कांग्रेस के 10, द्रमुक के तीन, ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस के सात, अन्नाद्रमुक के चार, भाजपा के तीन (सभी नामांकित एवं मत देने का अधिकार रखते हैं) और एक निर्दलीय विधायक रह गया है।
कुमार ने कांग्रेस भी छोड़ी, भाजपा में जा सकते हैं
कांग्रेस के चार विधायकों ने इस्तीफा दिया है जबकि एक विधायक को अयोग्य ठहराया गया है। कुमार ने बताया कि मैंने पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों ने संकेत दिया कि संभव है कि कुमार भाजपा में शामिल हों, क्योंकि माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने जिस तरह से तृणमूल नेताओं के पार्टी में शामिल कराया है उसी को वह पुडुचेरी में दोहराएगी, हालांकि, यहां पर यह बड़े पैमाने पर नहीं होगा।
पिछले महीने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया था कि कांग्रेस भ्रष्टाचार में डूबी है और केंद्र शासित प्रदेश में 30 में से 23 से अधिक सीटों पर जीतकर सत्ता में आने का दावा किया था।
कांग्रेस से विधायकों के इस्तीफे की शुरुआत पिछले महीने मंत्री ए नमास्सिवयम और ई थीप्पैनजान से शुरू हुई बाद में दोनों भाजपा में शामिल हो गए। मंत्री मल्लाडी कृष्णा राव ने भी सरकार से पहले इस्तीफा दिया और फिर सोमवार को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। पिछले साल जुलाई में एन धानवेलु को पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से अयोग्य करार दिया गया था।
नेता प्रतिपक्ष एन रंगासामी ने मंगलवार को नारायणसामी सरकार से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल के विधायक के इस्तीफे के बाद सरकार ने बहुमत खो दिया है। मुख्यमंत्री को स्वेच्छा से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।
इस बीच नारायणसामी ने दावा किया कि सरकार को सदन में ‘बहुमत’ हासिल है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हमारे विधायक एकजुट हैं। विपक्ष द्वारा सरकार से इस्तीफे की मांग उचित नहीं है, हम संवैधानिक प्रावधानों के तहत कार्य करेंगे