पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने रविवार को कहा कि अगर प्रधानमंत्री राहुल गांधी की अगुवाई में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनती है तो हम नीट परीक्षा रद्द कर देंगे। दरअसल, सीएम नारायणसामी नीट परीक्षाओं को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे थे।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बने तो हम नीट की परीक्षा ही रद्द करा देंगे। बता दें कि रविवार को ही नीट की परीक्षाएं थीं। मेडिकल की पढ़ाई के लिए शिक्षण संस्थानों में नीट की परीक्षा होती है।
90 फीसदी छात्रों ने दी मेडिकल प्रवेश परीक्षा
कोरोना के कारण दो बार टल चुकी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-2020 रविवार को अंतत: संपन्न हो गई। इसमें 85 से 90 फीसदी छात्र शामिल हुए। कोरोना संक्रमण को देखते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने छात्रों की सुरक्षा के लिए बेहतरीन तैयारी की थी।
देश के 3,862 परीक्षा केंद्रों पर ये परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। एनटीए ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव होने के कारण जो छात्र परीक्षा से वंचित रह गए, उन्हें जल्द परीक्षा का मौका मिलेगा। इसका परिणाम 12 अक्तूबर तक जारी होगा।
एनटीए के महानिदेशक विनीत जोशी के मुताबिक, नीट 2020 सफलतापूर्वक पूरी हो गई। परीक्षा दोपहर 2 से 5 बजे तक हुई, लेकिन कोरोना से बचाव और सुरक्षा जांच के चलते सुबह 11 बजे से छात्रों को स्लॉट के आधार पर बुलाया गया था।
नीट 11 भाषओं में आयोजित हुई। इसमें करीब 77 फीसदी छात्रों ने अंग्रेजी, 12 फीसदी हिंदी और 11 फीसदी छात्रों ने अन्य भाषाओं में परीक्षा दी। परीक्षा के लिए 15.97 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था।
छात्रों का सही आंकड़ा सोमवार को सभी केंद्रों से अंतिम रिपोर्ट मिलने के आधार पर जारी होगा। नीट 2019 में 15.13 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था और 93 फीसदी छात्र शामिल हुए थे।
इस बार एम्स में भी इसी मेरिट से दाखिला
एनटीए इसकी मेरिट लिस्ट तैयार करके केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंप देगी। इसके बाद केंद्र और राज्यों के सरकारी, निजी मेडिकल कॉलेज,11 एम्स व जेआईपीएमईआर में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में दाखिला मिलेगा। इस साल से एम्स में भी इसी परीक्षा की मेरिट से दाखिला मिलेगा। इससे पहले एम्स अलग से प्रवेश परीक्षा करवाता था।
नीट 2020 को सफलतापूर्वक आयोजित करवाने के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और सभी छात्रों व अभिभावकों को मैं बधाई देता हूं। सभी के सहयोग से ही यह संभव हुआ।
- रमेश पोखरियाल निशंक, शिक्षा मंत्री