ईंधन, बिजली और सरकारी संसाधनों के अधिक कुशल उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुदुचेरी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कई नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के तहत अगले छह महीनों तक गैर-जरूरी विदेश यात्राओं पर रोक लगा दी गई है, जबकि कर्मचारियों को लंच ब्रेक के दौरान दफ्तर से बाहर न जाने की सलाह दी गई है।
पुदुचेरी सरकार के कार्मिक व प्रशासनिक सुधार विभाग के अवर सचिव एस. मुरुगेसन की ओर से जारी एक सर्कुलर में सभी सरकारी विभागों, कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और स्वायत्त निकायों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
सर्कुलर के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ईंधन बचाने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील व मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत गैर-आवश्यक विदेश यात्राएं, अध्ययन दौरे और परामर्श संबंधी यात्राएं अगले छह महीनों के लिए स्थगित कर दी गई हैं।
सरकारी वाहनों के उपयोग को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
सरकार ने सरकारी वाहनों के उपयोग को भी सीमित और व्यवस्थित करने के निर्देश दिए हैं। ईंधन की खपत कम करने के लिए वाहन पूलिंग प्रणाली अपनाने और वाहनों का उपयोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए करने को कहा गया है। साथ ही अधिकारियों को गैर-जरूरी आधिकारिक दौरों से बचने और विभिन्न विभागों के बीच बैठकों, समीक्षा सत्रों तथा समन्वय बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का अधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है।
सर्वाजनिक परिवहन के उपयोग पर जोर
सर्कुलर में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा गया है कि वे आधिकारिक कार्यों के लिए जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।
और क्या-क्या निर्देश दिए गए?
बिजली बचत के लिए भी कई निर्देश जारी किए गए हैं। कार्यालयों में उपयोग में नहीं आ रहे बिजली उपकरणों, जैसे लाइट, एयर कंडीशनर, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को तुरंत बंद करने को कहा गया है, ताकि ऊर्जा की अनावश्यक खपत रोकी जा सके।
इसके अलावा, कर्मचारियों को लंच ब्रेक के दौरान बिना आवश्यकता कार्यालय परिसर से बाहर न जाने और अपना भोजन कार्यालय में ही लाने की सलाह दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की बचत होगी और कार्यस्थल की उत्पादकता भी बढ़ेगी।
अवर सचिव एस. मुरुगेसन ने कहा कि ये खर्च में कटौती और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से जुड़े उपाय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। उनका उद्देश्य ईंधन की खपत कम करना, बिजली की बचत करना और सरकारी संसाधनों का अधिकतम दक्षता के साथ उपयोग सुनिश्चित करना है।