कर्नाटक सरकार ने जयललिता की आय से अधिक संपत्ति मामले में सजा पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। बताते चलें कि यह प्रयास तब हुआ है, जब एक अन्य याचिका में जयललिता की संपत्ति से 100 करोड़ रुपए जुर्माना वसूलने की मांग की गई थी।
विशेष सरकारी अभियोजक बीवी आचार्य ने इकॉनमिक टाइम्स से कहा, इस मामले में जिरह जुलाई में समाप्त हुई थी। फैसले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। उनका निधन हो गया है, सिर्फ इसलिए उनके ऊपर चार्ज कम करना गलत है।
उन्होंने कहा, जयललिता की सजा को बरकरार रखना चाहिए। वह चार साल की जेल की सजा नहीं भुगत सकती, लेकिन उनकी संपत्ति से 100 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला जाना चाहिए।
बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में ट्रायल कोर्ट के दिए आदेश को सही माना है।इसमें शशिकला और उनके सहयोगी इलावरासी और वीएन सुदर्शन को दोषी माना है। ट्रायल कोर्ट ने जेल की सजा के साथ-साथ 100 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा था।