पोल में हमने अपने पाठकों से पूछा था कि रेल मंत्रालय ट्रेन टिकट बुकिंग की क्षमता को 25 हजार प्रति मिनट से बढ़ाकर 2.25 लाख तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। क्या इससे ऑनलाइन बुकिंग में आने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी? इस पर लोगों को बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
भारतीय रेलवे टिकट जारी करने की क्षमता प्रति मिनट 25,000 से बढ़ाकर 2.25 लाख करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही पूछताछ की क्षमता भी प्रति मिनट चार लाख से बढ़ाकर 40 लाख करने की योजना बनाई जा रही है। इसे लेकर ही अमर उजाला ने एक पोल किया था।
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पोल में हमने अपने पाठकों से पूछा था कि रेल मंत्रालय ट्रेन टिकट बुकिंग की क्षमता को 25 हजार प्रति मिनट से बढ़ाकर 2.25 लाख तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। क्या इससे ऑनलाइन बुकिंग में आने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी? इस पर लोगों को बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। पोल के परिणाम से पता चलता है कि लोग इससे काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं। 83.2 फीसदी लोगों ने कहा कि इससे ऑनलाइन बुकिंग में आने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। वहीं, 16.8 फीसदी लोगों ने इससे इनकार किया।
रेलवे मंत्री ने किया था एलान
इससे पहले रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में 7,000 किलोमीटर की नई रेल पटरी बिछाने का भी लक्ष्य तय किया गया है। हमारी योजना यात्री आरक्षण व्यवस्था को बेहतर करने की है। फिलहाल प्रति मिनट लगभग 25,000 टिकट जारी करने की क्षमता है। हमारा लक्ष्य इसे बढ़ाकर 2.25 लाख टिकट प्रति मिनट करने का है।
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पूछताछ की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी
अश्विनी वैष्णव ने आगे कहा कि पूछताछ की क्षमता भी चार लाख प्रति मिनट से बढ़ाकर 40 लाख प्रति मिनट की जाएगी। उन्होंने देश के 2,000 रेलवे स्टेशनों पर 24 घंटे खुले रहने वाले जन सुविधा स्टोर शुरू करने की भी घोषणा की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में 4,500 किलोमीटर यानी 12 किलोमीटर प्रतिदिन रेल पटरी बिछाने का लक्ष्य पहले ही हासिल किया जा चुका है।