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किसान आंदोलन में खतरनाक हुआ 'मनोवैज्ञानिक युद्ध', सोशल मीडिया पर पुलिस रख रही पैनी निगाह

Thu, 04 Feb 2021 07:50 PM IST
Harendra Chaudhary आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • दो सौ पुलिस वालों के इस्तीफे की झूठी अफवाह फैलाने वाला राजस्थान का निकला युवक, पुलिस ने लिया हिरासत में
  • देश के अलग-अलग इलाकों में साइकोलॉजिकल वॉर पर पुलिस की नजर
  • सुरक्षा एजेंसियां और साइबर एक्सपर्ट की टीम लगाई गई
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delhi police - फोटो : PTI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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किसान आंदोलन के साथ-साथ देश भर में इसके पीछे शुरू हुआ 'मनोवैज्ञानिक युद्ध' अब खतरनाक होता जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक इस साइकोलॉजिकल वॉर पर शिकंजा कसना बेहद ज़रूरी है। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों ने खुफिया टीम और साइबर एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है। पुलिस ने ऐसे ही एक मामले में शामिल एक व्यक्ति को राजस्थान से हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए इस व्यक्ति ने दो दिन पहले सबसे पहले एक मैसेज देकर कहा था कि दिल्ली पुलिस के दो सौ जवानों ने अपना इस्तीफा दे दिया है।

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आग की तरह फैली इस खबर से दिल्ली पुलिस भी स्तब्ध रह गई। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जब इसकी जांच की गई तो पता चला कि राजस्थान के एक गांव के व्यक्ति ने सबसे पहले वो मैसेज बनाकर व्हाट्सएप पर भेजा और वो वायरल हो गया। पुलिस ने उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।

आंदोलन में हिंसा फैलाने का भी उद्देश्य

सुरक्षा एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में साइकोलॉजिकल वॉर से हिंसा फैलने की जानकारी गृह मंत्रालय को भी दी है। उसके बाद से ही टीमें अलर्ट मोड में आ गईं हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में टीमों की निगरानी बढ़ा दी गयी है।

यह है साइकोलॉजिकल वॉर

वर्चुअल दुनिया में दूर से बैठकर जब किसी को किसी के विरुद्ध कोरी बातों से भड़काया जाता है। इसके अलावा किसी को आवेशित करते हुए कोई युद्धक रणनीतियां बनाई जाती हैं और उन सबका असर मानसिक पटल पर पड़ने लगता है। जिससे माहौल खराब होने लगता है। उसको साइबर क्राइम की दुनिया में मनोवैज्ञानिक युद्ध कहा जाता है। दुनिया के कई मुल्कों में इस तरह की 'वॉर' सरकारों, संस्थाओं और संगठनों के विरुद्ध इस्तेमाल की गई हैं।

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