मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कत्ल करने के बाद अपनी प्रेमिका की घर में ही कब्र बनाने वाले साइको किलर उदयन के रायपुर में स्थित मकान में तलाशी के दौरान मां-बाप की हड्डियां मिली हैं।
Raipur:Bhopal man accused of killing live in partner allegedly confessed he murdered his parents;authorities dig out their bodies for probe pic.twitter.com/bFBrTL3hCK— ANI (@ANI_news) February 5, 2017
साइको किलर ने किया था यह खुलासा
साइको किलर ने शनिवार को पुलिस के सामने कबूल किया था कि उसने छह साल पहले अपने मां बाप को भी मर्डर करने के बाद जमीन में दफन कर दिया था।रायपुर पुलिस को तलाशी के दौरान मकान में हड्डियां मिली हैं। इस मकान को उदयन ने बाद में बेच दिया था।
पुलिस के मुताबिक उदयन दास ने पूछताछ में अपने मां बाप को मारने की बात भी खुद बताई है। शनिवार को भोपाल के डीआईजी (एसएसपी) रमन सिंह सिकरवार ने बताया कि आरोपी उदयन ने अपने माता पिता की हत्या करने के बाद दोनों की लाशें रायपुर के शांतिनगर स्थित मकान के आंगन में ही दफन कर दी थी और मकान बेच दिया था।
उदयन लगातार बदल रहा था अपना बयान
सिकरवार ने कहा कि उदयन रोजाना अपने बयान बदल रहा है, लिहाजा पुलिस की चुनौती बढ़ गई है। उसने अपनी प्रेमिका सह पत्नी आकांक्षा उर्फ श्वेता शर्मा की हत्या के बारे में पहले दिसंबर का वक्त बताया था, पर बाद में कहा कि जुलाई 2016 में ही उसने आकांक्षा को मौत की नींद सुला दिया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अगर मां बाप की हत्या की बात सही साबित होती है तो सवाल यह भी है कि अपनी मां इंद्राणी दास की पेंशन छह साल से उदयन कैसे ले रहा था। पिछले दो दिन से हालांकि उदयन पुलिस को बता रहा था कि उसकी मां अमेरिका में हैं और यूनिसेफ के लिए काम करती हैं। वहां से वह उसे पैसा भी भेजती हैं। मां की पेंशन लगभग 30 हजार रुपये आती है।
बैंक में है पिता के साथ ज्वाइंट अकाउंट
फेडरल बैंक एमपी नगर शाखा में पिता के साथ उदयन का ज्वाइंट अकाउंट है। लेकिन पुलिस ने जब मां का पता पूछा और फोन नंबर मांगा तो इनकार करने पर शक गहराया, जिससे पूछताछ में उदयन ने मां बाप को भी मारने की बात स्वीकार कर ली। हालांकि अभी उसके कथन पर भरोसा नहीं किया जा रहा है। मां बाप को क्यों मारा, इसकी ठोस वजह अब तक सामने नहीं आई है। उदयन के पिता बीके दास भोपाल के भेल कारखाने में फोरमेन के पद से रिटायर हुए थे और मां इंद्राणी भी राज्य सरकार की मुलाजिम रह चुकी थीं।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के बांकुरा में रहने वाले देवेंद्र कुमार शर्मा की बेटी आकांक्षा की 2007 में उदयन से ऑरकुट पर मित्रता हुई थी। जून 2016 में घर से नौकरी करने की बात कहकर आकांक्षा भोपाल आ गई। यहां वह उदयन के साथ रहने लगी। उसने परिवार वालों को बताया कि मैं अमेरिका में नौकरी कर रही हूं। जुलाई 2016 के बाद आकांक्षा के परिवार वालों से बात होनी बंद हो गई। भाई ने नंबर ट्रेस कराया तो लोकेशन भोपाल की निकली।
परिवार के लोगों को शक था कि आकांक्षा उदयन के साथ रह रही है। दिसंबर 2016 में आकांक्षा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई। एक महीने की जांच के बाद पुलिस उदयन के घर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने आकांक्षा की हत्या की बात स्वीकार कर ली। इस बीच आज यहां आकांक्षा का उसके परिजनों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक बात यह भी सामने आई है कि इस केस में अब तक उदयन की तरफ से कोई रिश्तेदार या नजदीक का व्यक्ति सामने नहीं आया है। पुलिस ये भी पता कर रही है कि बेरोजगार होने के बावजूद उदयन इतनी शान ओ शौकत की जिंदगी कैसे जी रहा था।