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MEA: 'देशवासियों को सस्ती दरों पर ऊर्जा देना सरकार की प्राथमिकता', रूस से आपूर्ति पर विदेश मंत्रालय की दो टूक

Tue, 09 Dec 2025 06:09 AM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

India On Energy Supplies From Russia: पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद रूस से आपूर्ति जारी रखने के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने दो टूक में जवाब दिया है। साप्ताहिक प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि देशवासियों को सस्ती दरों पर ऊर्जा देना सरकार की प्राथमिकता है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने एक बार फिर दोहराया कि ऊर्जा खरीद के फैसले राष्ट्रीय हितों, वैश्विक बाजार की गतिशीलता और 1.4 अरब नागरिकों को सस्ती दरों पर ऊर्जा उपलब्ध कराने की आवश्यकता से प्रेरित होते हैं।
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'ऊर्जा आपूर्ति की खरीद का निर्णय व्यावसायिक विचारों पर आधारित'
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारतीय कंपनियों की ओर से तेल और अन्य ऊर्जा आपूर्ति की खरीद का निर्णय पूरी तरह से व्यावसायिक विचारों पर आधारित होता है। यह बयान पश्चिमी देशों के भू-राजनीतिक दबाव के बावजूद रूस से ऊर्जा आपूर्ति जारी रखने के सवाल पर आया है। 
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बयान के बाद टिप्पणी
रणधीर जायसवाल की यह टिप्पणी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए रूस के स्थिर और निर्बाध ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बने रहने की पुष्टि की थी। पुतिन ने पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस में कहा था कि हम ऊर्जा में एक सफल साझेदारी देख रहे हैं। 
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भारत के ऊर्जा विकास के लिए रूस करता है आपूर्ति
रूस तेल, गैस, कोयला और भारत के ऊर्जा विकास के लिए आवश्यक हर चीज की एक विश्वसनीय आपूर्ति है। वहीं, दक्षिण एशिया विश्लेषक माइकल कुगेलमैन ने सलाह दी है कि यूक्रेन संघर्ष के चलते उत्पन्न हुए भू-राजनीतिक दबाव के बीच भारत को रूस के साथ अपने ऊर्जा संबंधों को लेकर बहुत सतर्क रहना होगा।

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