मणिपुर में एक बार फिर से विरोध-प्रदर्शन उग्र हो गया। बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह के ईस्ट इंफाल जिले के हेइंगांग स्थित निवास पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि, सुरक्षा बलों की भारी तैनाती ने इस भीड़ को मुख्यमंत्री के निवास के आसपास 500 मीटर के दायरे को तोड़ने से सफलतापूर्वक रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई मंत्रियों और विधायकों के आवासों को भी निशाना बनाया।
विरोध हाल ही में जिरिबाम घटना को लेकर गुस्से में आए लोगों द्वारा शुरू किया गया था, जिससे सार्वजनिक आक्रोश और बढ़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने राज्य के विभिन्न मंत्रियों और विधायकों के आवासों को भी निशाना बनाया और उनके घरों और वाहनों सहित संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।
बढ़ती हुई हिंसा ने मणिपुर में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति को और बढ़ा दिया है, क्योंकि सरकार स्थिति को नियंत्रित करने में संघर्ष कर रही है। प्रभावित जिलों में निषेधाज्ञा और इंटरनेट निलंबन लागू हैं, जबकि सरकार से जवाबदेही और कार्रवाई की मांग तेज हो रही है। यह कानून, जो सशस्त्र बलों को व्यापक अधिकार प्रदान करने के लिए आलोचना का शिकार हुआ है, 14 नवंबर को फिर से कई पुलिस थाना क्षेत्रों में लागू किया गया, जिसमें इम्फाल पश्चिम के सेकमाई और लमसांग, इम्फाल पूर्व के लमलाई, बिशनुपुर के मोइरांग, कांगपोकपी के लेइमाखोंग और जिरिबाम जिले के कुछ क्षेत्र शामिल हैं।
इसके पुनः लागू होना प्रदर्शनकारियों के गुस्से को और बढ़ा चुका है, जो इसे संकट को और बढ़ाने वाला कदम मानते हैं, न कि असंतोष के मूल कारणों का समाधान। वर्तमान अशांति प्रशासन और बंधक मौतों को लेकर बढ़ते शिकायतों से उत्पन्न हो रही है।