महाराष्ट्र में शुक्रवार को 'राज्य स्थापना दिवस' मनाया जा रहा है, लेकिन इस बीच नागपुर में अलग विदर्भ राज्य की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में युवा सड़क पर उतर आए और 'महाराष्ट्र दिवस' के मौके पर ही विरोध जताते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
काले झंडे लहराकर किया प्रदर्शन
सुबह नागपुर के संविधान चौक पर प्रदर्शनकारियों ने अचानक जुटकर विरोध शुरू कर दिया। अलग-अलग दिशाओं से पहुंचे युवाओं ने काले झंडे लहराए और काले गुब्बारे छोड़कर अपने असंतोष को जाहिर किया। 'विदर्भ राज्य बनाओ' के नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने महाराष्ट्र दिवस के जश्न का विरोध किया। अचानक हुए इस प्रदर्शन से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और पुलिस को हालात काबू में करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को घेर लिया और उन्हें हिरासत में लेकर वाहनों के जरिए वहां से हटाया। अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति अब नियंत्रण में है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
लंबे समय से उठ रही यह मांग
दरअसल, अलग विदर्भ राज्य की मांग कोई नई नहीं है। यह मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है। विदर्भ क्षेत्र के लोग खुद को विकास और संसाधनों के मामले में उपेक्षित बताते हैं और अलग राज्य की मांग करते रहे हैं।
ऐतिहासिक रूप से देखें तो 1 मई 1960 को 'बॉम्बे राज्य' का विभाजन कर महाराष्ट्र और गुजरात का गठन किया गया था। भाषाई आधार पर हुए इस पुनर्गठन के लिए दोनों क्षेत्रों में लंबे समय तक आंदोलन चले थे, जो कई बार हिंसक भी हुए। इसके बाद संसद ने बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम पारित किया और इसे 1 मई 1960 से लागू किया गया। तभी से हर साल 1 मई को महाराष्ट्र और गुजरात अपना स्थापना दिवस मनाते हैं।