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असम: सीएए के विरोध में उतरे लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग, कहा- हम कभी स्वीकार नहीं करेंगे अधिनियम

Wed, 27 Mar 2024 04:16 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

बता दें कि गर्ग के अलावा, विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां 2019 में सीएए विरोधी आंदोलन के चरम के दौरान कानून के खिलाफ सामने आई थीं। उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों के नेताओं के साथ मंच साझा किया।
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जुबीन गर्ग - फोटो : ie
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विस्तार
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नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर विवाद जारी है। असम के कई संगठन राज्य में इसे लागू करने का विरोध कर रहे हैं। इस बीच लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग ने कहा है कि सीएए को हम कभी स्वीकार नहीं करेंगे और इसके खिलाफ शांति पूर्वक विरोध जारी रहेगा। 

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गर्ग ने आगे कहा कि वह विभिन्न मंचों पर इसका विरोध करना जारी रखेंगे। उन्होंने इस कानून को रद्द कराने के लिए कानूनी लड़ाई जीतने के लिए ठोस प्रयास करने का भी आग्रह किया। वह बोले कि सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जरूरी है, लेकिन इसे करने के कई तरीके हैं।

जुबीन गर्ग ने दावा किया कि सरकार सीएए को थोपने की कोशिश कर रही है, लेकिन राज्य के लोग इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि असम में किसी भी हिंदू-मुस्लिम विभाजन के लिए कोई जगह नहीं है और केवल असम और भारत के लोग ही यहां रहेंगे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका का जिक्र करते हुए कहा कि सभी को एक साथ आकर कानूनी लड़ाई लड़नी चाहिए और न्यायपालिका पर भरोसा रखना चाहिए।
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2019 में भी कई हस्तियों ने किया था विरोध
बता दें कि गर्ग के अलावा, विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां 2019 में सीएए विरोधी आंदोलन के चरम के दौरान कानून के खिलाफ सामने आई थीं। उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों के नेताओं के साथ मंच साझा किया। साथ ही गाने और कविताएं भी लिखी थीं। हालांकि, इसके बाद से कई भाजपा और कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों में शामिल हो गए।  

ये हैं नियम
गौरतलब है कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए गैर-दस्तावेज गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारत की राष्ट्रीयता देने के लिए लाया गया है। गैर मुस्लिम प्रवासियों में  हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई हैं। 

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