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प्रोफेसर की होगी गिरफ्तारी?: आईआईटी बॉम्बे के बाहर साहिल के समर्थन में प्रदर्शन, कई पुलिस हिरासत में लिए गए

Wed, 14 Oct 2026 02:35 PM IST
प्रशांत तिवारी आईएएनएस, मुंबई

सार

आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में उसके समर्थन में कई संगठनों ने संस्थान के बाहर प्रदर्शन किया। मुंबई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौपान प्रदर्शनकारियों ने ज्वाइंट डीन सत्यनारायण दूला की गिरफ्तारी, निदेशक केदारे के इस्तीफे की मांग की।  
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साहिल वाकोडे - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मुंबई में आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे के समर्थन में कई संगठनों ने संस्थान के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी साहिल के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस दौरान मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने संस्थान के ज्वाइंट डीन सत्यनारायण दूला की गिरफ्तारी और निदेशक केदारे के इस्तीफे की मांग उठाई। उनका कहना है कि मामले की जांच के लिए बनाई गई कमेटी में संस्थान से जुड़े लोग ही शामिल हैं, ऐसे में निष्पक्ष फैसला होने पर सवाल खड़े होते हैं।

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प्रदर्शनकारियों की तीन बड़ी मांगें, तभी निष्पक्ष जांच पर भरोसा
प्रदर्शन कर रहे एक व्यक्ति ने कहा कि संस्थान के ज्वाइंट डीन सत्यनारायण दूला को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और निदेशक केदारे को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि इस मामले की जांच के लिए बनाई गई कमेटी में उन्हीं लोगों को शामिल किया गया है जो संस्थान से जुड़े हैं। ऐसे में उन्हें आशंका है कि संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होगी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने साफ कहा कि मामले में निष्पक्ष फैसला सुनिश्चित करने के लिए कमेटी में जाति-विरोधी आंदोलन से जुड़े किसी सामाजिक कार्यकर्ता, न्यायपालिका से जुड़े किसी व्यक्ति और छात्र संगठन के किसी कार्यकर्ता को शामिल किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इन तीनों वर्गों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ही जांच निष्पक्ष हो सकेगी, वरना संस्थान से जुड़े लोग एक-दूसरे को बचाने की कोशिश कर सकते हैं।
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मौत से कुछ घंटे पहले साहिल ने दिया था लिखित माफीनामा
मंगलवार को साहिल वाकोडे की मौत के मामले में पुलिस जांच के दौरान एक अहम जानकारी सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक, 22 वर्षीय साहिल ने परीक्षा में कथित तौर पर नकल करते पकड़े जाने के बाद संस्थान को लिखित माफीनामा दिया था। उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए एक और मौका देने की अपील भी की थी। पुलिस के अनुसार, यह घटनाक्रम 18 सितंबर को साहिल की आत्महत्या से कुछ घंटे पहले का है। मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच अब तक 40 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें IIT बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे और प्रोफेसर सूर्यनारायण दूला भी शामिल हैं। वहीं, साहिल के माता-पिता ने प्रोफेसर पर उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं।

परीक्षा में मोबाइल से चैटजीपीटी इस्तेमाल करने का आरोप
साहिल वाकोडे आईआईटी बॉम्बे में बीटेक के दूसरे वर्ष का छात्र था। पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उसे कथित तौर पर मोबाइल फोन से चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। आरोप है कि वह परीक्षा के सवालों के जवाब पाने के लिए इस एआई टूल का इस्तेमाल कर रहा था। इस घटना के कुछ घंटे बाद ही शाम को साहिल अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला। उसकी मौत के बाद मामले की जांच शुरू की गई, जिसमें परीक्षा के दौरान हुई घटना और उसके बाद के घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

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साहिल के परिवार ने प्रोफेसर पर लगाए उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप
साहिल के पिता की शिकायत के बाद पवई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। परिवार का आरोप है कि संस्थान में साहिल को उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े मामले में प्रोफेसर को आरोपी बनाया गया है। हालांकि, पुलिस के सामने दिए गए अपने बयान में प्रोफेसर दूला ने साहिल के माता-पिता की ओर से लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है।  
 
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