केंद्र सरकार द्वारा बड़े नोटों पर बैन लगाने के विरोध में तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में विपक्ष के सांसदों
और नेताओं ने राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला।
इस दौरान आप सांसद भगवंत मान, नेशनल कान्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला सहित कई दलों के बड़े नेता भी मार्च में शामिल रहे। हालांकि संख्याबल के हिसाब से यह आंकड़ा कम ही रहा लेकिन विपक्ष ने इस दौरान एकजुटता दिखाने का पूरा प्रयास किया।
राष्ट्रपति भवन पहुंचकर विपक्ष की ओर से इस संबंध में राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया गया। ममता बनर्जी ने बताया कि हमने इस संबंध में राष्ट्रपति तक अपनी बात रखी है। हमने उनसे निवेदन किया है कि वह राष्ट्रहित में सरकार से यह निर्णय वापस लेने की बात करें। राष्ट्रपति पूर्व में वित्त मंत्री रहे हैं वो देश के हालात को अच्छी तरह समझ सकते हैं।
पत्रकारों से बात करते हुए ममता ने कहा देश के एटीएम की स्थिति अब "आएगा तब मिलेगा" वाली हो चुकी है। सरकार को जल्द से जल्द अपना निर्णय वापस ले लेना चाहिए।
बता दें कि इस मार्च को लेकर तृणमूल कांग्रेस की ओर से कई दिनों से सरकार की मोर्चाबंदी की जा रही थी। खुद तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने इस मामले की कमान अपने हाथ में संभाल रखी थी। उन्होंने इस मुद्दे पर साथ देने के लिए शिवसेना को भी अपने साथ कर लिया था।
Delhi: Mamata Banerjee leads the protest march to the President's House, other Opposition parties also participate #demonetisation pic.twitter.com/DlnSgrrQiV
— ANI (@ANI_news) November 16, 2016