केंद्रीय बलों के जवानों और उनके परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जिला स्तर पर डिस्पेंसरी खोलने की मांग की गई। सेना की तर्ज पर सीएपीएफ में 'एक्स मैन' का दर्जा देने और झंडा दिवस कोष की स्थापना करना, इसे भी मांग पत्र में शामिल किया गया है।
महासचिव रणबीर सिंह ने कहा, इस कोष को स्थापित करने में कोई बजटीय प्रावधान करने की जरूरत नहीं है। आम भारतीय, स्वेच्छा से उपरोक्त कोष में दान देंगे। ऑपरेशन के दौरान अपंग हुए सैनिकों, जरूरतमंद जवानों के कल्याण, पुनर्वास और बेहतर शिक्षा स्वास्थ्य के लिए दान में मिली धनराशि का सदुपयोग किया जा सकेगा।
जंतर-मंतर पर आयोजित धरना प्रदर्शन में केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, हिमाचल और जम्मू कश्मीर से सैंकड़ों पूर्व अर्धसैनिकों ने हिस्सा लिया।