आईआईटी बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन रविवार को तनावपूर्ण हो गया। छात्र संगठनों के मुताबिक, पुलिस ने परिसर के भीतर से 22 छात्रों को हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने, छात्रों के कपड़े फाड़ने, लात मारने और गला दबाने जैसे आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि वे साहिल की मौत के मामले में जवाबदेही तय करने और कथित जातिगत भेदभाव की जांच की मांग कर रहे हैं।
छात्र संगठनों के अनुसार, हिरासत में लिए गए सभी छात्रों को पवई पुलिस थाने ले जाया गया। इनमें आठ छात्र ऐसे थे, जिन्हें कथित तौर पर एक ही दिन में दो बार हिरासत में लिया गया। छात्रों का आरोप है कि सुबह बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी परिसर में दाखिल हुए। पहले कुछ छात्रों को हिरासत में लेकर थोड़ी देर बाद छोड़ दिया गया। इसके बाद छात्र प्रदर्शन स्थल पर इकट्ठा हुए और साहिल के माता-पिता के साथ उसे श्रद्धांजलि दी। हालांकि, पुलिस और आईआईटी बॉम्बे प्रशासन की ओर से हिरासत और बल प्रयोग के आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
साहिल वाकोडे की मौत के बाद छात्र क्यों कर रहे हैं प्रदर्शन?
22 वर्षीय साहिल वाकोडे आईआईटी बॉम्बे में बीटेक के दूसरे वर्ष का छात्र था। 18 सितंबर को वह छात्रावास के अपने कमरे में मृत मिला था। खबर के मुताबिक, मध्यावधि परीक्षा में कथित तौर पर नकल करते पकड़े जाने के बाद उसकी मौत हुई थी। छात्र इस मामले में कथित जातिगत भेदभाव और संस्थान की उदासीनता के आरोप लगा रहे हैं। वे मांग कर रहे हैं कि मौत से जुड़े घटनाक्रम की जांच हो और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए। रविवार को साहिल की मौत को एक महीना पूरा होने पर छात्रों ने स्मृति सभा और मशाल जुलूस निकालने की योजना बनाई थी।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
छात्र प्रतिनिधियों के मुताबिक, पुलिस और परिसर की सुरक्षा टीम ने बाद में प्रदर्शन स्थल को हटाया और वहां मौजूद छात्रों को जबरन हटाया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। उनका दावा है कि कुछ छात्रों के कपड़े फाड़े गए, उन्हें लात मारी गई और उनका गला दबाया गया। महिला छात्रों के साथ अनुचित तरीके से छूने और शारीरिक दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए गए हैं। ये सभी आरोप प्रदर्शनकारियों और छात्र संगठनों की ओर से लगाए गए हैं। पुलिस की ओर से इन दावों पर विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
आईआईटी बॉम्बे प्रशासन पर छात्रों ने क्या सवाल उठाए?
प्रदर्शनकारियों ने परिसर के भीतर पुलिस की तैनाती पर संस्थान के प्रशासन से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि परिसर में पुलिस बुलाने की अनुमति किसने दी थी। छात्रों का कहना है कि वे साहिल की मौत के मामले में न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। इस बीच कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ और कई आंबेडकरवादी संगठनों के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने संस्थान के निदेशक और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष के साथ तत्काल बैठक की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। संस्थान प्रशासन की ओर से हिरासत और पुलिस बल प्रयोग के आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी।
साहिल के माता-पिता की क्या मांग है और प्रोफेसर पर क्या आरोप हैं?
साहिल के माता-पिता मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। वे संस्थान प्रशासन से कार्रवाई और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला पर उत्पीड़न और जाति आधारित भेदभाव के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के संबंध में पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में प्रोफेसर से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी। साहिल की मौत के एक महीने बाद भी छात्र न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस हिरासत की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के लगाए आरोपों पर पुलिस तथा संस्थान की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।