अफस्पा के विरोध में मणिपुर यूनाइटेड क्लब ऑर्गनाइजेशन, पोईरेई लीमारोल मैइरा पैबी अपुनबा मणिपुर और अन्य स्थानीय संगठनों ने क्वाकीथेल इलाके से रैली शुरू की। पुलिस के रोके जाने से पहले रैली 3.5 किमी की दूरी तय कर चुकी थी
मणिपुर में फैली अशांति के बीच अफस्पा का विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को पश्चिम इंफाल में नागरिक समाज संगठनों ने कर्फ्यू के बीच अफस्पा के विरोध में रैली निकाली। पुलिस ने रैली को केइशामपट जंक्शन इलाके में रोक दिया। उधर, चूराचांदपुर में कुकी संगठन के सदस्यों ने राज्य में फैली अशांति में मारे गए अपने सदस्यों की याद में नकली ताबूत लेकर जुलूस निकाला।
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एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि अफस्पा के विरोध में मणिपुर यूनाइटेड क्लब ऑर्गनाइजेशन, पोईरेई लीमारोल मैइरा पैबी अपुनबा मणिपुर और अन्य स्थानीय संगठनों ने क्वाकीथेल इलाके से रैली शुरू की। पुलिस के रोके जाने से पहले रैली 3.5 किमी की दूरी तय कर चुकी थी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम छह थाना क्षेत्र में अफस्पा लगाने का विरोध करते हैं। जिरीबाम में अफस्पा फिर से लागू किए जाने के कुछ दिनों बाद ही गोलीबारी की घटना हुई।
छह थाना क्षेत्रों में अफस्पा लागू
केंद्र सरकार ने मणिपुर के छह थाना क्षेत्रों में फिर से सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (अफस्पा) लागू कर दिया है। इस अधिनियम के तहत किसी क्षेत्र को 'अशांत' घोषित किया जाता है, जिससे सुरक्षा बलों को वहां प्रभावी रूप से कार्रवाई करने में सुविधा मिलती है। इन क्षेत्रों में जिरिबाम भी शामिल है, जहां हाल ही में हिंसा हुई है। इसमें इंफाल पश्चिम जिले के सेकमई और लमसांग; इंफाल पूर्व जिले का लमसाई, जिरीबाम जिले का जिरिबाम; कांगपोकपी जिले का लेइमाखोंग; बिष्णुपुर जिले का मोइरंग क्षेत्र शामिल हैं।
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मणिपुर में ब्रॉडबैंड सेवाएं बहाल
मणिपुर सरकार ने राज्य में अशांति के चलते बंद की गई ब्रॉडबैंड सेवाओं को तीन दिन बाद बहाल कर दिया। वहीं गृह आयुक्त एन अशोक कुमार ने कहा कि मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी। आदेश में कहा गया कि इंटरनेट प्रतिबंध ने महत्वपूर्ण कार्यालयों, संस्थानों और घर से काम करने वाले लोगों के कामकाज को प्रभावित किया है। लोगों की समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने ब्रॉडबैंड सेवाओं के मामले में सशर्त निलंबन हटाने का विचार किया है। वहीं मोबाइल इंटरनेट डाटा पर प्रतिबंध जारी रखने का फैसला किया है।