विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने मांग की है कि शुक्रवार की हिंसा के मद्देनजर नजर रखने के लिए देशभर के मुस्लिम बहुल इलाकों के साथ-साथ हर मस्जिद और मदरसे के अंदर और बाहर हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाएं।
विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि देश के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल को दूषित करने की कोसिश करने वालों को यह समझना होगा कि भारत संविधान से चलता है न कि शरीयत से।
दो निलंबित भाजपा पदाधिकारियों द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के खिलाफ शुक्रवार को देश के कई हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए।
मुस्लिम समुदाय से पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी से जुड़े मामले में कानूनी प्रक्रिया का इंतजार करने को कहते हुए आरएसएस से जुड़े संगठन ने कहा कि हिंसा के अपराधियों से, जो कट्टरपंथियों की कठपुतली हैं, से सख्ती से निपटा जाना चाहिए और उनसे संपत्ति के नुकसान के लिए मुआवजे का भुगतान कराया जाना चाहिए।
कुमार ने एक बयान में आरोप लगाया, दंगा, ''हिंसा, हमले और आगजनी में शामिल भीड़ शुक्रवार की नमाज के बाद मस्जिदों से निकली थी। देश का जिहादी मुस्लिम नेतृत्व आम मुसलमानों को हिंसा के रास्ते पर ले जा रहा है, जो न तो उनके हित में है और न ही देश के।''
भगवा संगठन ने मांग की कि "देशभर के सभी मदरसों के अंदर और बाहर हाई-रेजॉल्यूशन वाले वीडियो कैमरे भी लगाए जाने चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया कि वे (मस्जिद-मदरसे) तेजी से जिहादी तत्वों के कारखाने बन रहे हैं।"
कुमार ने कहा कि शुक्रवार को देश के विभिन्न हिस्सों में हुई हिंसा की घटनाओं के संबंध में प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने मांग करते हुए कहा, दंगाइयों से सख्ती से निपटना होगा।
उन्होंने कहा कि न केवल संपत्ति के नुकसान की भरपाई दंगाइयों के द्वारा की जानी चाहिए बल्कि इसके लिए प्रक्रिया को भी सरल और त्वरित बनाया जाना चाहिए।
विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि धार्मिक स्थल, जहां से कथित हिंसक भीड़ निकली और दंगे में शामिल हुई, उन्हें भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
संगठन के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा, "विहिप मांग करती है कि इन जगहों पर गतिविधियों पर निगरानी के लिए हर मस्जिद और मदरसे के साथ-साथ मुस्लिम बहुल इलाकों के अंदर और बाहर हाई-रेजॉल्यूशन वाले वीडियो कैमरे लगाए जाएं।"
उन्होंने कहा कि इन कैमरों की कमान और संचालन स्थानीय पुलिस थाने के पास होना चाहिए और अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो इन तानों के प्रभारी अधिकारी जिम्मेदार होंगे।