वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) का आधार बढ़ाने के लिए अब संपत्ति कर और बिजली बिल डाटा का इस्तेमाल होगा। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन विवेक जौहरी ने बताया कि कर आधार बढ़ाने की गुंजाइश है।
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जौहरी ने कहा, जीएसटी जब लागू हुआ था, तब कर आधार 45-50 लाख था। अब यह बढ़कर 1.4 करोड़ हो गया है। फिर भी जब हम अन्य करों के आधार को देखते हैं, तो जीएसटी करदाताओं की संख्या बेहद कम है। ऐसे में कर आधार बढ़ाने के लिए संपत्ति कर व बिजली के मीटर का डाटा जुटाएंगे।