पच्चीस साल के वामपंथी शासन के बाद त्रिपुरा में पहली बार बनी भाजपा सरकार ने गठन के एक महीने के अंदर ही विकास की भागीरथी बहाने में कोई कसर नहीं रख रही है। शिक्षा, सड़क, नौकरी से लेकर पर्यटन तक कई मोर्चों पर सरकार ने काम शुरू कर दिया है। इन सभी परियोजनाओं पर करीब आठ हजार करोड़ रुपये खर्च आएगा, जो केंद्र वहन करेगा।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने शुक्रवार को अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि जब वे जीत के बाद पहली बार केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने गए तो बधाई के साथ उन्हें बीएसएफ की दो नई बटालियन बनाने का अनुमति पत्र भी मिला। यानी 2100 स्थानीय लोगों को नौकरी। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से त्रिपुरा में न तो विकास हो रहा था और न ही लोगों को नौकरी मिल रही थी।
राज्य में चौतरफा विकास
आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन बीपीओ लगाने के आदेश दे दिए हैं। टीसीएस से बात हो रही है। राज्य में दो प्लास्टिक पार्क केमिकल और पेट्रोलियम कॉम्पलेक्स बनाने की अनुमति मिल गई है। छह नेशनल हाइवे को मंजूरी मिल गई है। एक माह में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का 96 फीसदी डिजिटलीकरण कर दिया है। त्रिपुरा को दुबई की तरह एक बड़ा व्यावसायिक केंद्र बनाने की योजना पर काम हो रहा है।