लोकसभा की कार्यवाही लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी किसान आंदोलन के मुद्दे की भेंट चढ़ गई। विपक्ष राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा की जगह नए कृषि कानूनों पर चर्चा की मांग पर अड़ गया।
स्पीकर ने शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे पर अपनी बात रखने का प्रस्ताव देते हुए वेल में हंगामा पर नाराज स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की भी चेतावनी दी। विपक्ष के हंगामे के कारण दो बार स्थगित होने के बाद सदन की कार्यवाही तीसरी बार रात नौ बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस, टीएमसी, आप सहित कई दलों के सांसदों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ने कहा कि वह सभी सदस्यों को शून्यकाल के दौरान इस पर अपनी बात रखने का मौका देंगे। इस पर आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने कहा कि इन कानूनों पर कई बार चर्चा हो चुकी है। ऐसे में अब इन कानूनों को वापस लेने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
जोशी का विपक्ष पर हमला
संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष के साथ बैठक हुई थी। सभी विपक्षी नेता राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के लिए तैयार थे। इसके बाद अचानक विपक्षी सांसद यहां हंगामा कर रहे हैं। यह उचित नहीं है।