राम मंदिर के मसले पर बोलते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हम संवैधानिक संस्थानों का सम्मान करते हैं। यह मामला अभी सुप्रीम सपोर्ट में लंबित है और मेरे लिए अभी इस समय उस पर कोई विचार देना सही नहीं होगा। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट जो फैसला लेगा वह कांग्रेस पार्टी और हम सब को स्वीकार होगा। यूपी में अकेले लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम विचारधारा के आधार पर चुनाव लड़ेंगे। हमारी विचारधारा और सपा-बसपा गठबंधन की विचारधारा में समानताएं हैं। मैं अखिलेश यादव और मायावती का सम्मान करता हूं। लेकिन अब कांग्रेस दम लगाकर चुनाव लड़ेगी।
केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैंने अपने 15 साल के राजनीतिक जीवन में किसी भी नेता के खिलाफ विपक्ष की ऐसी एकजुटता नहीं देखी। यहीं नहीं अगर मैं मंत्रिमंडल में शामिल राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, नितिन गडकरी समेत अन्य लोगों से बात करूंगा तो वो भी प्रधानमंत्री के काम करने के तरीके से खुश नहीं होंगे।
पीएम मोदी की अपनी दादी से तुलना के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पूर्व प्रधानमंत्री का अपमान होगा। जहां एक तरफ मेरी दादी के हर फैसले प्यार से भरे हुए थे वहीं नरेंद्र मोदी के हर फैसले का आधार नफरत है। उनके दिल में गरीबों के लिए प्यार नहीं है। किसानों को 6000 सालाना देना उनके साथ एक मजाक है। किसानों को 17 रुपए प्रतिदिन देना नाकाफी है। कांग्रेस शासित राज्यों ने किसानों की जो मदद की उसके सामने यह मदद कुछ भी नहीं है।