कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को चुनाव आयोग की तीखी आलोचना की। प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर चुनाव आयोग को लगता है कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ भाजपा के प्रति है तो उन्हें फिर से सोचने की जरूरत है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए और आयोग पर वोट चोरी करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग के अधिकारियों ने राहुल गांधी से चुनाव में धांधली के उनके दावों का ब्यौरा मांगा था।
चुनाव अधिकारियों ने मांगा है राहुल गांधी से घोषणापत्र
प्रियंका गांधी का चुनाव आयोग पर निशाना तब साधा है, जब कम से कम तीन राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से उन मतदाताओं के नाम साझा करने को कहा, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया था कि उन्हें मतदाता सूची में गलत तरीके से शामिल किया गया है या बाहर रखा गया है। साथ ही, चुनाव अधिकारियों ने इस मामले में जरूरी कार्यवाही शुरू करने के लिए एक हस्ताक्षरित घोषणापत्र भी मांगा।
'चुनाव आयोग को जांच करनी चाहिए'
चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि राहुल गांधी को देशवासियों को गुमराह करना बंद करना चाहिए और चुनाव अधिकारियों के खिलाफ निराधार आरोप लगाना बंद करना चाहिए। जब इसे लेकर प्रियंका गांधी से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, 'वे (चुनाव आयोग) जो हलफनामा मांग रहे हैं, वह एक ऐसे कानून के तहत मांग रहे हैं जिसके तहत आपको 30 दिनों के भीतर याचिका देनी होती है, वरना कुछ नहीं होगा। तो फिर वे हलफनामा क्यों मांग रहे हैं? इतना बड़ा खुलासा हुआ है। अगर यह अनजाने में हुआ है, तो इसकी जांच कीजिए।'
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उन्होंने पूछा कि जो आरोप लगे हैं चुनाव आयोग को इसकी जांच करनी चाहिए। प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी के दावे को दोहराते हुए कहा कि एक विधानसभा में एक लाख से ज्यादा फर्जी मतदाता पाए गए हैं, इसका मतलब है कि ये जिसे भी वोट देंगे, वहीं जीतेगा। प्रियंका गांधी ने सवाल किया कि चुनाव आयोग ने जब जांच ही नहीं की है तो उन्हें कैसे पता कि दावे गलते हैं?
'एक दिन जवाब देना होगा'
प्रियंका गांधी ने कहा कि 'यह हमारे देश का लोकतंत्र है। यह कोई मजाक नहीं है। यह किसी पार्टी का मामला नहीं है। अगर उन्होंने इसकी जांच नहीं की है, तो वे इसे बकवास नहीं कह सकते। उनकी (चुनाव आयोग) जिम्मेदारी ज्यादा बड़ी है। अगर उन्हें लगता है कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ भाजपा के प्रति है, तो उन्हें इस पर फिर से विचार करने की जरूरत है क्योंकि जैसा कि मेरे भाई ने कहा था, एक दिन ऐसा आएगा जब दूसरे लोग सत्ता में होंगे और फिर जिन लोगों ने हमारे लोकतंत्र को पूरी तरह से बर्बाद करने में सांठगांठ की है, उन्हें इसका जवाब देना होगा।'