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जब इंदिरा गांधी ने कहा था- प्रियंका आएगी तो लोग मुझे भूल जाएंगे और...

Wed, 23 Jan 2019 04:39 PM IST
Prabudhh Jain प्रबुद्ध जैन, अमर उजाला
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प्रियंका को लेकर इंदिरा की वो भविष्यवाणी - फोटो : Amar Ujala
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जब प्रियंका आएगी तो लोग मुझे भूल जाएंगे उसको याद करेंगे।
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ये शब्द इंदिरा गांधी के हैं। कुछ ऐसा भरोसा था उन्हें अपनी लाड़ली प्रियंका पर। वही प्रियंका जो अब आधिकारिक तौर पर कांग्रेस की महासचिव बन चुकी हैं। वो चर्चाओं, सुगबुगाहटों और दबी हुई जुबानों के पर्दों से निकलकर सामने आ खड़ी हुई हैं। और इसी के साथ प्रियंका को राजनीति में लाने की 10 साल पुरानी मांग भी खत्म होती है। प्रियंका के लिए इंदिरा ने जो कुछ कहा उसे जानना और समझना बेहद दिलचस्प है। कांग्रेस के चाणक्य और इंदिरा गांधी के सबसे भरोसेमंद नेता माखनलाल फोतेदार ने साल 2015 में ये पूरा किस्सा सुनाया। 

फोतेदार बताते हैं, 

"उस वक्त इंदिराजी ने मुझे कहा कि मेरे यहां एक लड़की है जिसका नाम प्रियंका है। उसका भविष्य बहुत अच्छा है। जब वो बड़ी हो जाएगी। थोड़ा-बहुत सोचने लगेगी। लोग मुझे भूल जाएंगे, उसको याद करेंगे।"

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इंदिरा यहीं नहीं रुकतीं। वो एक कदम और आगे जाती हैं। उनके मन ने प्रियंका के लिए कई ख्वाब बुन रखे थे। शायद यही वजह है कि वो प्रियंका गांधी के प्रधानमंत्री तक की कुर्सी पर काबिज होने का सपना देखती थीं। कम से कम फोतेदार तो यही बताते हैं। 
 

"इंदिरा जी ने कहा कि देश के भविष्य के लिए जो मैं हूं, वो भी बन सकती है। उनके हाथ में जिस वक्त देश की कमान रहेगी, वो बहुत मजबूत रहेगी।"


विरोधी और आलोचक फोतेदार के बयान पर सवाल भी उठा सकते हैं लेकिन इंदिरा को करीब से जानने वाले ये भी जानते हैं कि प्रियंका और राहुल में उनकी जान बसती थी। सियासी परिवेश में नई पीढ़ी के लिए ऐसे ख्यालात आसानी से समझ आते हैं। 

प्रियंका में इंदिरा की छवि भी नजर आती है। याद कीजिए साल 2014 का चुनावी प्रचार। अमेठी और रायबरेली में प्रियंका ने ग्रामीणों के बीच इतना सहज अभियान चलाया कि लोग उनके मुरीद हो गए। हैंडलूम की साड़ी में, एसपीजी से बेपरवाह, लोगों के बीच हिलती-मिलती प्रियंका अक्सर इंदिरा गांधी की याद दिलाती हैं। वो अपनी सौम्य मुस्कुराहट से जनता को कायल करना जानती हैं।
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जब लोगों ने कहा- प्रियंका इज इंदिरा

ये बेवजह नहीं है कि 2016 के दौरान उनकी तुलना इंदिरा से करते हुए कई पोस्टर पहले राजस्थान और फिर उत्तर प्रदेश में भी नजर आए। 

प्रियंका बेबाक हैं, बेलौस हैं। उनकी जुबान बेहद साफ है।  भाषणों का तेवर भी, जहां जरूरत हो वहां नरम और जहां जरूरत हो वहां भरपूर हमलावर। वो अपने भाषणों में इंदिरा गांधी को याद करना नहीं भूलतीं। 2014 में चुनाव प्रचार के दौरान रायबरेली में प्रियंका ने कहा था,

"मैंने इंदिराजी से सीखा था कि जब सच्चाई दिल में होती है, जब दिल का इरादा सही होता है तो एक कवच बन जाता है छाती के अंदर...जितना जलील करते हैं, उतना मजबूत बनता है।"

बतौर महासचिव, प्रियंका अपनी नई जिम्मेदारी को तैयार हैं। उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है। नहीं भूलना चाहिए कि ये योगी आदित्यनाथ का गढ़ है तो प्रधानमंत्री मोदी का चुनाव क्षेत्र बनारस भी यहीं है। प्रियंका के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन दिग्गजों निपटने की होगी।
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