47 साल की प्रियंका गांधी विदेश में हैं। कांग्रेस ने प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को बुधवार को पार्टी महासचिव बनाया है। ज्योतिरादित्य को पश्चिमी तो प्रियंका को पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभार सौंपा है। लेकिन इस घोषणा के बाद से कांग्रेस महासचिव ने देश के टीवी चैनल, सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म पर स्पेस लूट लिया है। प्रियंका गांधी के साथ-साथ ज्योतिरादित्य को भी जिम्मेदारी मिली है, लेकिन वह खबरों में बहुत सीमित हैं।
ट्विटर, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी प्रियंका गांधी को लेकर बहस छिड़ गई है। कांग्रेस में परिवार वाद का जहां आरोप लग रहा है, वहीं तमाम यूजर्स प्रियंका गांधी के राजनीति में आने के बाद भाजपा की राह को मुश्किल मानने लगे हैं। मीडिया के चेहरे दिबांग ने उत्तर प्रदेश में योगी के सीएम होने के कारण प्रियंका की राह को काफी कठिन बताया है।
फेसबुक पर प्रियंका गांधी, उनके परिवार, बच्चों को लेकर पोस्ट का सिलसिला चल निकला है। कुछ यूजर प्रियंका गांधी को राजनीति में लाने के पीछे ईडी द्वारा राबर्ट वाड्रा को राजनीति में लाए जाने का कारण बता रहे हैं। एक यूजर ने कांग्रेस पार्टी को गांधी परिवार के कब्जे में बताया है तो एक यूजर ने नारे में अपनी बात कही है। उसका कहना है कि अब चलेगी कांग्रेस की आंधी, आ गई हैं प्रियंका गांधी।
टीवी चैनल पर भी प्रियंका गांधी को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। किसी भी पार्टी में किसी को महासचिव बनाये जाने पर कभी इस तरह की राजनीतिक हलचल नहीं देखने को मिली। इसके चलते केन्द्र सरकार का बनारस में प्रवासी भारतीय दिवस खास तवज्जो नहीं पा सका। प्रधानमंत्री के प्रवासी भारतीय दिवस में भाषण को भी प्रमुखता नहीं मिल पाई। इसके अलावा प्रयाग में चल रहे कुंभ से भी बुधवार का फोकस प्रियंका गांधी पर शिप्ट कर गया है।