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BPSC: पटना में अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज की प्रियंका गांधी ने की निंदा, कहा- रोजगार मांगने पर हो रहा अत्याचार

Thu, 26 Dec 2024 01:24 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा 13 दिसंबर को संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा कराई गई थी। अभ्यर्थियों का आरोप है इसका प्रश्नपत्र लीक हुआ है। जबकि आयोग ने इससे इन्कार किया है। परीक्षा रद्द कराने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर बुधवार को पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इस पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि यहां जो भी रोजगार मांगता है, उस पर अत्याचार किया जाता है। 
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प्रियंका गांधी - फोटो : PTI
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विस्तार
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पटना में बीपीएससी की संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किए जाने पर कांग्रेस नेता और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी का एकमात्र लक्ष्य अपनी कुर्सी बचाना है। यहां जो भी रोजगार मांगता है, उस पर अत्याचार किया जाता है। 

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अपने व्हाट्सएप चैनल पर एक पोस्ट में प्रियंका गांधी ने लिखा कि हाथ जोड़े युवाओं पर लाठीचार्ज करना क्रूरता की पराकाष्ठा है। भाजपा राज में रोजगार मांगने वाले युवाओं को लाठियों से पीटा जाता है। चाहे यूपी हो, बिहार हो या मध्य प्रदेश अगर युवा आवाज उठाते हैं तो उन्हें बेरहमी से पीटा जाता है। उन्होंने लिखा कि दुनिया के सबसे युवा देश के युवाओं के भविष्य के बारे में सोचना और उसके लिए नीतियां बनाना सरकार का काम है। लेकिन भाजपा के पास केवल अपनी कुर्सी बचाने का नजरिया है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि यहां जो भी रोजगार की मांग करता है, उस पर अत्याचार किया जाता है। वहीं कांग्रेस ने अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। वहीं पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा रद्द नहीं किए जाने पर एक जनवरी 2025 को बिहार बंद का आह्वान किया है।
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क्या है मामला
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा 13 दिसंबर को संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा कराई गई थी। अभ्यर्थियों का आरोप है इसका प्रश्नपत्र लीक हुआ है। जबकि आयोग ने इससे इन्कार किया है। परीक्षा रद्द कराने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर बुधवार को पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। 



प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि हमलोग लगातार एक सप्ताह से शांति पूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने हमारी बात को नहीं सुना। न तो सरकार की तरफ से और ना ही आयोग की तरफ से कोई बात करने आया, ऐसे में जब हमलोग आयोग के पास अपनी बात कहने आये तब पुलिस ने हमलोगों को बर्बरता के साथ पीटा। 

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