कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने शनिवार को कहा कि उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है कि सीबीआई ने मंत्री बी. नागेंद्र के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी के लिए राज्यपाल थावरचंद गहलोत से संपर्क किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले में केंद्रीय एजेंसी को सबसे पहले राज्य सरकार को पत्र लिखना होगा।
क्या आरोप है?
प्रियांक खरगे ने क्या कहा?
एक सवाल के जवाब में खरगे ने कहा, 'उन्होंने किस आधार पर यह मांग की है। इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है। अगर सीबीआई मुकदमा चलाना चाहती है, तो उन्हें पहले राज्य को लिखना होगा।'
जांच अधिकारियों को लेकर क्या कहा?
विपक्ष की पदयात्रा पर क्या कहा?
नागेंद्र मामले पर विपक्ष की पदयात्रा की योजना के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए खरगे ने कहा, 'उन्हें करने दीजिए, किसने मना किया है? इससे पहले उन्होंने बिदादी मार्च और मूडा मार्च भी किया थ। अब वे रायचूर से बल्लारी तक मार्च की बात कर रहे हैं। उन्हें करने दीजिए। लेकिन, उनके मार्च का कारण क्या है?'
जब यह बताया गया कि यह मार्च कैबिनेट में एक भ्रष्ट व्यक्ति को शामिल करने के विरोध में है और उसे हटाने की मांग के लिए है, तो उन्होंने कहा, 'क्या उन्होंने चंदू लमानी (बीजेपी विधायक) को हटाया है? वह लोकायुक्त द्वारा पकड़े गए थे। वह भी सदन में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान नागेंद्र को हटाने की मांग करते हुए नारे लगा रहे थे। उन्हें देखकर मुझे समझ नहीं आया कि हंसूं या रोऊं। लोकायुक्त द्वारा पकड़ा गया व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा है।'