कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने केंद्र सरकार पर पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के मामले में जनता से झूठ बोलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में मिश्रण 40 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिसका उद्देश्य चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुंचाना है।
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कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने शनिवार को पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने और महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि सरकार से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट में पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा केंद्र सरकार की ओर से घोषित सीमा से अधिक पाई गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरी कवायद केंद्रीय मंत्रियों के परिवार के सदस्यों से जुड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है। एथेनॉल ब्लेंडिंग और सरकार के दावों पर खरगे ने हमला बोलते हुए कहा कि आप 1.3 अरब लोगों पर प्रयोग कर रहे हैं। खरगे ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले लोगों को आश्वासन दिया था कि पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण एक निर्धारित सीमा से अधिक नहीं किया जाएगा, लेकिन नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल) से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट इसके उलट संकेत दे रही हैं।
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केंद्र पर क्या आरोप लगाए?
खरगे ने कहा, 'भारत सरकार अपने लोगों से खुलेआम झूठ बोल रही है। सरकार ने स्पष्ट कहा था कि एथेनॉल का मिश्रण एक निश्चित क्षमता से अधिक नहीं होगा, लेकिन एनएबीएल की रिपोर्टों ने यह साबित कर दिया है कि एथेनॉल का मिश्रण तय सीमा को पार कर रही है, या कम से कम सरकार ने जो तय सीमा बताई थीं, उन्हें पार कर रही है। कुछ मामलों में यह 35 से 40 प्रतिशत तक है। प्रयोगशालाओं की ये रिपोर्ट भारत सरकार से मान्यता प्राप्त लैब की ओर से प्रमाणित हैं।' नीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 'एथेनॉल ब्लेंडिंग की यह पूरी कवायद केवल केंद्रीय मंत्रियों से जुड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए की गई है।'
सुप्रीम कोर्ट में इसे प्रयोग बताने पर भी उठाए सवाल
खरगे ने सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल की ओर से दी गई दलील का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र ने अदालत में एथेनॉल ब्लेंडिंग को एक प्रयोग बताया था, जिसे पूरे देश में लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'अगर आपको याद हो तो सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि एथेनॉल ब्लेंडिंग पूरी तरह एक प्रयोग है और इसे पूरे देश में लागू नहीं किया जा रहा है। लेकिन अगर आप गौर से देखें तो आप 1.3 अरब लोगों पर प्रयोग कर रहे हैं। यह कैसे सही हो सकता है? यह साफ है कि भारत सरकार केवल मुनाफा कमाने के लिए अपने ही लोगों से झूठ बोल रही है।'
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महंगाई और बस किराये पर केंद्र सरकार को घेरा
खरगे ने विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में इजाफे के लिए केंद्र सरकार की ओर से की गई मूल्यवृद्धि के व्यापक असर को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दुग्ध संघों पर पड़ने वाले प्रभाव का भी जिक्र किया। बस किराये और ईंधन की बढ़ती लागत के मुद्दे पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा। खरगे ने कहा, 'बसें हवा से नहीं चलतीं। उन्हें ईंधन डालना पड़ता है। बसें मोदी के कहने से नहीं चलतीं।'