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कोरोना: क्या है 'प्रिविलेज वीजा' और महामारी में क्यों बढ़ी इसकी डिमांड, खासियत समेत जानें सबकुछ

Sat, 12 Jun 2021 08:30 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोरोना संकट में विशेषाधिकार वीजा की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। यात्री इस वीजा के जरिए अन्य देशों में बेरोकटोक यात्रा कर रहे हैं। यह वीजा यात्रियों को कई सुविधाएं मुहैया कराता है। साथ ही कई छूटें प्रदान करता है। 
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वीजा - फोटो : pixabay
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विस्तार
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कोरोना काल में विशेषाधिकार वीजा यानी प्रिविलेज वीजा का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। महामारी के दौरान दुनियाभर के कई देशों में फ्लाइटों की उड़ानों पर प्रतिबंध लगा है, लेकिन संकट के दौरान लोग इस वीजा का धड़ल्ले से प्रयोग कर रहे हैं। कोरोना के दौरान 'विशेषाधिकार वीजा' उन यात्रियों के लिए एक बड़ा हथियार है जो उड़ानें बंद होने के बाद भी इसके जरिए यात्रा कर सकते हैं। इसमें कोरोना प्रभावित देशों के यात्री भी शामिल हैं।  केरल के दो परिवार हाल ही में उस समय सुर्खियों में आ गए, जब भारत से उड़ानें रद्द होने के बावजूद अमीरात की उड़ान से दुबई पहुंचे। 

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विशेषाधिकार वीजा क्या हैं?
विशेषाधिकार वीजा एक प्रकार का अप्रवासी निवेशक के तौर पर इस्तेमाल होने वाला अधिकार है, जो व्यक्तियों को बिजनेस करने के बदले किसी देश में रहने या उस देश की नागरिकता प्राप्त करने की अनुमति देता है। इन्हें सामान्यत: गोल्डन पासपोर्ट या कैश फॉर पासपोर्ट के तौर पर जाना जाता है। कोरोना काल में बहुत से लोग इस वीजा को हासिल करना चाहते हैं। दुनिया के कई देश आकर्षित करने के लिए बड़े और छोटे निवेशकों को प्रिविलेज वीजा प्रदान करते हैं।  अमीर और गरीब देश अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिरता देने के लिए बढ़ावा देते हैं। इसके तहत निवेशक सरकारी फंड में पैसे दे सकते हैं, सरकारी फंड्स में निवेश कर सकते हैं या किसी विशेष व्यापार में शामिल होकर रोजगार पैदा कर सकते हैं। दुनिया के एक चौथाई देश, ऐसे ऑफर विदेशी नागरिकों को देते हैं।

कितने तरह के होते हैं वीजा? 
अमूमन वीजा को दो या तीन वर्गों में बांटा जाता है। एक टूरिज्म वीजा और दूसरा फंक्शनल या कॉमर्शियल।  इसका इस्तेमाल प्रोफेशनल, बिजनेस, वर्क, स्टूडेंट, कॉन्फ्रेंस, सांस्कृतिक कार्यकर्मों के लिए होता है।  तीसरी श्रेणी में लोग बिना वीजा के किसी देश में शरणार्थी या प्रत्यर्पित होकर रहते हैं, जब तक उनके देश से उनकी समस्याएं नहीं सुलझती हैं।  फंक्शनल कैटेगरी के तहत ही प्रिविलेज वीजा दिया जाता है, यहां लोग निवेश करके लंबे समय तक वीजा हासिल किए रहते हैं। 
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अमेरिका में डी-वीजा 
जहां तक 'डी-वीजा' की बात है, यह श्रेणी हर देश में अलग-अलग होती है। कुछ देशों में, 'डी' श्रेणी लंबे समय तक रहने वाले वीजा के तौर पर जानी जाती है। हालांकि, अमेरिका जैसे अन्य देशों में, यह एयरलाइंस और समुद्री जहाजों के चालक दल के सदस्यों को मिलता है।

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