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पुलिस से ज्यादा प्राइवेट सिक्योरिटी पर भरोसा करता है देश,सरकारी दफ्तरों की भी करते हैं सुरक्षा

Wed, 06 Sep 2017 07:28 PM IST
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
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सिक्योरिटी गार्ड - फोटो : demo pics
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निजी सुरक्षा गार्डों  का जाल भारत में बहुत तेजी से फैल रहा है। और ये पुलिस से पांच गुणा अधिक हो चुके हैं। अगर आंकड़ो पर नजर डालें तो देश की सुरक्षा व्यवस्था पुलिस के नहीं बल्कि चुपके से निजी सुरक्षा गार्डों के हाथों में पहुंच गई है। भारत में पुलिस कर्मियों की कुल तादाद जहां 14 लाख है वहीं निजी सुरक्षा गार्डों की संख्या 70 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है। 
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एस्कॉर्ट हो या पेट्रोलिंग या फिर वीआईपी या फिर बाबा की सुरक्षा व्यवस्था सबकुछ अब सुरक्षा गार्डों के हाथों में पहुंच चुका है। कई जगहों पर तो दमकल अधिकारियों का काम भी निजी गार्डों के हाथों में है। 

आंकडों पर नजर डालें तो भारत में पुलिस की तुलना में  पांच गुणा ज्यादा निजी सुरक्षा गार्ड हैं। सुरक्षा गार्डों का सेक्टर छह फीसदी की दर से बढ़ रहा है।   निजी सुरक्षा गार्डों का कारोबार आज करीब 180 बिलियन डॉलर का हो चुका है। 2020 तक इसके 240 बिलियन डॉलर के होने की संभावना है।
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2020 तक 100 देशों की जीडीपी से ज्यादा हो जाएगा सुरक्षा गार्डों के व्यापार का आंकड़ा

सुरक्षा गार्ड
सुरक्षा गार्डों का यह व्यापार जिस तेजी से बढ़ रहा है आने वाले समय में यह 100 देशों की जीडीपी से भी ज्यादा का हो जाएगा। तेजी से बढ़ रहे निजी सुरक्षा गार्ड व्यवसाय में जुटे इन सुरक्षा गार्डों को खुद भी सुरक्षा की आवश्यकता है। छह से 14-15 हजार रुपए महीने पर काम करने वाले निजी सुरक्षा गार्डों को सप्ताह में एक छुट्टी तक मुहैया नहीं कराई जाती है। 

आप जब सड़क पर हों और निजी सुरक्षा गार्ड ट्रैफिक कंट्रोल करता दिखे या फिर एयरपोर्ट पर आपकी सुरक्षा जांच को आगे आए तो सुरक्षा जांच में मदद कीजिएगा क्योंकि आने वाले समय में इनकी संख्या और तेजी से बढ़ने वाली है। देश की सबसे बड़ी सुरक्षा गार्ड मुहैया कराने वाली कंपनी G4Sमें 6 लाख से ज्यादा हैं और इसका सलाना रेवेन्यू 10 बिलियन डॉलर का हो चुका है। 
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