देश के नागरिकों की निजता और डाटा की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा बुधवार को लोकसभा में पेश किया गया निजी डाटा बिल संयुक्त प्रवर समिति के पास भेज दिया गया। केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद के बिल पेश करने पर विपक्ष ने इसे स्थायी समिति के पास भेजने की मांग की थी।
प्रसाद ने बिल को दोनों सदनों की संयुक्त प्रवर समिति को भेजने का प्रस्ताव पेश किया जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। बिल की जांच करने वाली समिति में लोकसभा के 20 और राज्यसभा के 10 सदस्य होंगे। उच्च सदन पैनल के लिए सदस्यों के नाम जल्द देगा।
‘जासूसी उद्योग’ बनाने का आरोप
कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सरकार पर जासूसी उद्योग खड़ा करने का आरोप लगाया। वहीं तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय ने भी व्हाट्सएप से जासूसी का मुद्दा उठाया और कहा कि इस तरह के मामलों के लिए पर्याप्त कानून हैं ऐसे में नया कानून लाने की क्या जरूरत है। प्रसाद ने जवाब में कहा, यह बिल नागरिकों के निजता के अधिकार को और सुरक्षित करने व डाटा चोरी से बचाने के लिए है।
बिल में डाटा का वर्गीकरण होगा
प्रसाद ने कहा, बिल में डाटा वर्गीकरण का प्रावधान है, ताकि क्रिटिकल डाटा देश से बाहर नहीं जाए और संवेदनशील डाटा बिना व्यक्ति या विभाग की अनुमति के साझा नहीं किया जा सके। यह बिल डाटा, व्यक्ति की निजता की सुरक्षा के लिए जरूरी है। इसे लंबे विचार विमर्श के बाद तैयार किया गया है।
लोकसभा से ये सदस्य समिति में
मीनाक्षी लेखी, एसएस अहलूवालिया, पीपी चौधरी, संजय जयसवाल, राज्यवर्धन राठौर, किरित सोलंकी, हीना गवित, तेजस्वी सूर्या, राजीव राजन सिह, अरविंद धर्मपुरी, अजय भट्ट, गौरव गोगोई, एस ज्योतिमणि, पीवी मिथुन रेड्डी, श्रीकांत शिंदे, बी मेहताब, के कनिमोझि, रितेश पांडेय और सौगत रॉय।
21 हजार भारतीय वेबसाइट पर इस साल हुआ हैकरों का हमला
इस साल अक्तूबर तक 21,467 से ज्यादा भारतीय वेबसाइटों को हैकरों ने अपना निशाना बनाया है। सरकार ने संसद को बताया कि भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वेबसाइटों को निशाना बनाने में चीन, पाकिस्तान, फ्रांस, रूस, अल्जीरिया, नीदरलैंड, ताईवान, ट्यूनीशिया और सर्बिया के हैकर सबसे आगे रहे हैं। इनकी पहचान सीईआरटी-इन की तरफ से विश्लेषित लॉग्स में पहचाने गए आईपी एड्रेस से की गई है।
लोकसभा में इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने बताया कि सीईआरटी-इन की रिपोर्ट में साल 2016 में 33,147, साल 2017 में 30,067, साल 2018 में 17,560 और साल 2019 में अक्तूबर माह तक 21,467 भारतीय वेबसाइटों को विदेशी हैकरों ने हैक किया है। उन्होंने बताया कि भारतीय साइबर स्पेस में लगातार हैकर घुसने का प्रयास कर रहे हैं।