राज्यसभा में शुक्रवार को भाजपा के हरनाथ सिंह यादव ने वक्फ बोर्ड अधिनियम 1995 निरस्त करने के लिए ‘वक्फ बोर्ड निरसन विधेयक 2022’ सदन में पेश करने की अनुमति मांगी। इसका विपक्षी सांसदों ने विरोध किया। काफी बहस के बाद इस पर मत विभाजन किया गया। पक्ष में 53 मत पड़ने पर बिल सदन में पेश किया गया। माकपा के एस कुमार पी ने कहा कि निजी बिल वक्फ की परंपरा को जानबूझकर छेड़ने का प्रयास है। द्रमुक के पी विल्सन ने कहा, विधेयक को अनुमति देना संविधान का उल्लंघन होगा। वहीं कांग्रेस की जेबी माथेर हीशम ने कहा, सरकार जानबूझकर संवेदनशील मुद्दे छेड़ती है।
राज्यसभा में यह निजी विधेयक भी पेश
बीजद सांसद सुजीत कुमार ने राज्यसभा में पुरावशेष और कला खजाना अधिनियम 1972 में संशोधन और भारतीय दंड संहिता 1860 में संशोधन के लिए दो विधेयक पेश किए। जेडीयू के रामनाथ ठाकुर ने राज्यसभा में विवाह व संबंध की स्वतंत्रता और अपराध निषेध सम्मान विधेयक 2023 पेश किया। भाजपा के विप्लव देव ने स्कूलों में पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली की शिक्षा अनिवार्य बनाने वाला बिल पेश किया।
मुफ्त इंटरनेट का अधिकार विधेयक- 2023 पेश
राकांपा की डॉ. फौजिया खान ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और हिंसा से निपटने के लिए एक निजी विधेयक पेश किया।
वाम सांसद डीआर शिवदासन ने तीन बिल पेश किए। इसमें मुफ्त इंटरनेट का अधिकार विधेयक 2023, नागरिकों को सार्वजनिक स्थान तक मुक्त पहुंच प्रदान करने वाला विधेयक, सार्वजनिक स्थान का अधिकार विधेयक 2023 और प्रारंभिक बचपन देखभाल का अधिकार विधेयक 2023 है।