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एक बार फिर फेसबुक के प्लेटफॉर्म पर निजता की खुली पोल

अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Tue, 12 Jan 2021 07:38 AM IST
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Facebook - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

व्हाट्सएप की बदली नीति अब लोगों के लिए सरदर्द बन रही है। उसने यूजर्स से सूचनाएं फेसबुक, इंस्टाग्राम पर साझा करने की मंजूरी मांगी है। वहीं, एक बार फिर निजी सूचनाएं गूगल पर दिखी हैं..



गूगल के सर्च रिजल्ट में नजर आए व्हाट्सएप ग्रुप व प्रोफाइल

निजता की सुरक्षा का व्हाट्सएप का दावा एक बार फिर खोखला साबित हुआ। फेसबुक के इस प्लेटफॉर्म पर बने प्रोफाइल और ग्रुप से जुड़ने के लिंक गूगल पर सर्च करते ही नजर आने लगे।



यानी आपका प्रोफाइल और उससे जुड़े अन्य डाटा गूगल पर सर्च करके कोई भी देख सकता है और ऐसी जानकारी हासिल कर सकता है जिन्हें आप सार्वजनिक नहीं करना चाहते। हालांकि इन्हें 11 जनवरी को ही तत्काल गूगल से हटा दिया गया। माना जा रहा है कि इसके लिए व्हाट्सएप ने गूगल से निवेदन किया था।


ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, पिछले साल फरवरी में व्हाट्सएप पर बने करीब साढ़े चार लाख ग्रुप में से कई सदस्यों की चैट गूगल के सर्च परिणामों में दिखने लगी थी लोगों ने इस पर जबरदस्त आपत्ति की तब व्हाट्सएप ने इसे सुधारा था।


इस बार व्हाट्सएप गूगल सर्च पर न केवल चैट नजर आए बल्कि उनके फोन नंबर, फोटो और ग्रुप चैट भी नजर आने लगीं। इससे आपके फोन नंबर जहां-जहां लिंक है, वहां-वहां की जानकारियां हासिल की जा सकती है। 


विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रुप इनवाइट से ऐसे लोग जुड़े हो सकते हैं जो आपकी जानकारियों का दुरुपयोग कर सकते हैं। यही नहीं ग्रुप में मौजूद सदस्यों के नाम और फोन नंबर भी व्हाट्सएप कि इस चूक की वजह से किसी को भी मिल सकते हैं।


साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ का दावा है कि अब तक डेढ़ हजार से ज्यादा ऐसे ग्रुप के लिंक गूगल के सर्च परिणामों में नजर आए हैं। आशंका यह भी है कि यह संख्या कई गुना बढ़ सकती है। व्हाट्सएप पर ग्रुप्स की संख्या लाखों में मानी जाती है।
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व्हाट्सएप प्रवक्ता ने सोमवार को कहा

यूजर्स अपने व्हाट्सएप ग्रुप में चैट के लिंक सार्वजनिक रूप से उपयोग होने वाली वेबसाइट पर साझा ना करें। कहा, किसी भी सपोर्ट सब ग्रुप में जब कोई नया सदस्य जुड़ता है तो इसकी जानकारी सभी सदस्यों को दी जाती है। ऐसे में नया सदस्य जोड़ने पर ग्रुप एडमिन को लिंक को बदलने की सलाह भी दी गई है।


व्हाट्सएप का कहना है कि

पिछले साल मार्च में 'नोइंडेक्स' नाम का फीचर जोड़ा गया था ताकि गहरे से जुड़े पेजों को गूगल पर लिंक ना किया जा सके। उसका कहना है कि हमने गूगल से इन्हें लिंक ना करने का आग्रह किया है। सभी जानते हैं कि अन्य व्हाट्सएप उपयोगकर्ता द्वारा सार्वजनिक की गई हर सामग्री कोई भी सर्च कर सकता है। ऐसे में निजी जानकारियों को उजागर ना करें तो बेहतर होगा।

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