पश्चिम बंगाल में जेल विभाग कैदियों को निजी कंपनियों के लिए काम करने की अनुमति देने की योजना बना रहा है। इसके लिए विभाग ने अपनी कंपनी 'Jailinc' को भी लांच करने की योजना बना ली है। इसके लिए विभाग ने कंपनी के कानून विशेषज्ञों और चार्टर्ड एकाउंटेंट के साथ बातचीत भी की है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार जेल मंत्री अब्निमोहन जोरदर ने सोमवार को कहा कि एक समय में 20-25 हजार जेल कैदियों को राज्य में अलग-अलग सुधार गृहों में रहना पड़ता है। राज्य सरकार को इसकी लागत वहन करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की तरफ से इसके लिए ग्रीन सिग्नल मिल जाता है तो यह बड़ा मददगार साबित होगा। जोरदर ने यह भी कहा कि इस पहल के माध्यम से न केवल कैदियों को मासिक वेतन मिलेगा, बल्कि सरकारी खजाने को भी लाभ होगा।
बता दें कि जेल कैदियों का जीवन स्तर बेहतर करने के लिए डांसर आलोकानंद रॉय ने वाल्मीकि प्रतिभा से इस पहल की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा जेल में कैदियों को पेंटिंग, फैशन डिजाइनिंग और मूर्तिकला का नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें कहीं व्यवस्थित किया जाएगा।