पद को लेकर चल रहे विवाद में महावतपुर गांव स्थित प्राइमरी पाठशाला नंबर एक में प्रधानाध्यापिका ने शुक्रवार को देरी से पहुंची तीन अध्यापिकाओं को बंधक बना लिया। यहीं नहीं, भाई से गोली मरवाने की धमकी भी दी। इस दौरान वहां एक वृद्ध महिला ने जब इसका विरोध किया तो उसे भी कमरे में अध्यापिकाओं के साथ बंद कर दिया। एक घंटे बाद ग्रामीणों के समझाने पर कमरे का ताला खोलकर अध्यापिकाओं और महिला को बाहर निकाला गया। इसके बाद प्रधानाध्यापिका स्कूल बंद कर चली गई।
सूचना पर खंड शिक्षा अधिकारी छपरौली स्कूल पहुंचे और जांच की। उधर, प्रधानाध्यापिका ने भी कोतवाली में शिक्षिकाओं के खिलाफ तहरीर दी है। महावतपुर गांव की प्राइमरी पाठशाला नंबर एक में कई वर्षों से प्रधानाध्यापिका के चार्ज को लेकर विवाद चला आ रहा है। विद्यालय में प्रधानाध्यापिका गायत्री और अध्यापिका नीरज, नीरु, मनीष तैनात है। शुक्रवार की सुबह तीनों अध्यापिकाएं पांच मिनट की देरी से विद्यालय पहुंची तो प्रधानाध्यापिका आगबबूला हो गई। आरोप है कि प्रधानाध्यापिका उन्हें गालियां देने लगी और मारपीट शुरू कर दी। उन्हें कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया और अपने भाई से गोली मरवाने की धमकी दी। इसके बाद मोहल्ले में शोर मचा दिया कि मुझे अध्यापिकाओं ने पीटा है। शोर सुनकर मोहल्ले की एक वृद्ध महिला वहां पहुंची और उसने अध्यापिकाओं को कमरे से बाहर निकाले का कहा।
आरोप है कि प्रधानाध्यापिका ने उसे भी धमकाते हुए शिक्षिकाओं के साथ कमरे में बंद कर दिया। एक घंटे बाद कुछ ग्रामीण विद्यालय पहुंचे और बमुश्किल समझा बुझा कर कमरे का ताला खुलवाया। अध्यापिकाओं और वृद्धा को बाहर निकाला। इसी दौरान स्कूल बंद कर प्रधानाध्यापिका वहां से चलती बनी। इसे लेकर विद्यालय में कई घंटे तक हंगामे की स्थिति रही। इसकी सूचना एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव को दी गई। उनके निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी छपरौली डॉ. प्रभात कुमार विद्यालय पहुंचे और पूरे प्रकरण की जांच की। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। उन्होंने यहां से सभी शिक्षिकाओं का स्थानांतरण किए जाने की संस्तुति की है।