500 और 1000 के पुराने नोट बदले जाने के निर्देश के बाद से पूरे देश में हलचल है। जहां लोग कैश को लेकर परेशान हैं, वहीं राजनीतिक दल भी इसपर अपना पक्ष रख रहे हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के अनुसार, 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी थी और नोटबंदी की वजह बताई थी। रिपोर्ट के अनुसार, इस चिट्ठी में बैंकों को मदद करने के साथ-साथ शवदाह गृह-कब्रगाह, अस्पताल और दूध की दुकानों पर नजर रखने के लिए निर्देश दिए गए थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से सभी राज्यों की राजधानियों में तैनात रेजिडेंट कमिश्नरों के दफ्तर को 8 नवंबर को देर रात तक खुले रखने के निर्देश दिए गए थे। उस रात प्रधानमंत्री की तरफ से भेजी गई चिट्ठी में आरबीआई, बैंकों और पोस्ट ऑफिसों को पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए गए थे।
चिट्ठी का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने लिखा था कि नोटबंदी को लागू करने में राज्य सरकारों का अहम रोल है। उस कदम को भ्रष्टाचार, काला धन, नकली नोटों और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष का हिस्सा बताया। उन्होंने इस प्रयास में राज्य सरकारों का समर्थन मांगा था।