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कांग्रेस ने फिर उठाया 'अधीर' सवाल- पीएम ने पहले क्यों नहीं लगवाई कोरोना वैक्सीन

Mon, 01 Mar 2021 02:47 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री मोदी के टीका लगवाने के बाद विपक्ष ने उठाए सवाल - फोटो : Amar Ujala
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एक मार्च से देश में कोरोना टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू हो गया है और इसकी शुरुआत सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना का टीका लगवाकर की। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत बायोटेक द्वारा विकसित की गई कोवैक्सीन की खुराक ली, जिस पर राजनीति शुरू हो गई है। 

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कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पीएम मोदी चुनावी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा 'पीएम ने पहले वैक्सीन क्यों नहीं लगवाई, जब वैज्ञानिकों ने कह दिया कि वैक्सीन सुरक्षित है, तब जाकर लगवाई। अधीर रंजन ने आगे कहा कि पहले हमने नहीं बल्कि वैज्ञानिकों की कमिटी ने सवाल खड़े किए थे। तब क्यों नहीं लगवाया, अब लगवाया है तो स्वागत है।'

यही नहीं अधीर रंजन ने आगे कहा कि इसमें चुनाव को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने आगे कहा कि केरल और पुडुचेरी की नर्स और असम का गमछा, मैं तो कहता हूं कि बंगाल की गीतांजलि भी हाथ में ले लेते तो सब पूरा हो जाता। अधीर रंजन के बयान के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को जवाब दे दिया है। 
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उन्होंने कहा कि आज जब 60 उम्र से ज्यादा के लोगों को टीका लगवाया जाएगा तो इसकी पहल प्रधानमंत्री मोदी ने की है। उन्होंने आगे कहा कि मैं विपक्ष से कहना चाहता हूं कि चुनाव में राजनीति करने के लिए और भी मुद्दे हैं, क्या हम कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एकजुट हो सकते हैं? यही नहीं, रविशंकर प्रसाद ने बताया कि हम सभी मंत्रियों ने फैसला किया है कि हम मुफ्त में कोरोना का टीका नहीं लेंगे। 

युवाओं को लगाएं कोरोना वैक्सीन: मल्लिकार्जुन खड़गे

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से जब पूछा गया कि क्या वे कोरोना की वैक्सीन लगवाएंगे तो उन्होंने कहा, 'मेरी उम्र 70 साल से ऊपर है। आपको इसे (कोविड-19 वैक्सीन) उन युवाओं को देनी चाहिए, जिनके पास मेरे उलट जीवन के ज्यादा साल हैं। मेरे पास जीने के लिए केवल 10-15 साल और हैं।'

विपक्षी नेताओं ने वैक्सीन पर जताया था संदेह
कोवैक्सीन को लेकर विपक्ष की तरफ से पहले भी सवाल खड़े किए गए थे। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा था कि लोगों के बीच भरोसा जगाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को पहले वैक्सीन लगवानी चाहिए। इसके अलावा शशि थरूर ने कहा था कि बिना तीसरे चरण के परीक्षण के ही इसे मंजूरी देना खतरनाक है। 

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि अगर देश के प्रधानमंत्री कोरोना का पहला टीका लगवाते हैं तो इससे देश के नागरिकों में विश्वास पैदा होता है। वहीं सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि ये भाजपा की कोरोना वैक्सीन है, इसे मैं नहीं लगवाउंगा। वैक्सीन पर मुझे भरोसा नहीं है। 
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पीएम के टीका लगवाने से लोगों में हिचक टूटेगी : गुलेरिया

एम्स के प्रमुख डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और अन्य बीमारियों से ग्रस्त 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू होने के पहले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीके की पहली खुराक लेने से लोगों के मन में टीके के प्रति किसी भी तरह की हिचक दूर हो जानी चाहिए। 

गुलेरिया ने कहा कि पुडुचेरी की रहने वाली सिस्टर पी निवेदा को प्रधानमंत्री को टीका लगाने के ‘हाईप्रोफाइल’ काम के बारे में सुबह ही जानकारी दी गई। गुलेरिया ने कहा, “टीका लगवाने के बाद वह ठीक हैं।”

स्वास्थ्य मंत्री टीका लगवाने की अपील की
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि मैं सभी 60 साल की उम्र से ज्यादा या 45 साल की उम्र से ज्यादा (जिन्हें गंभीर बीमारी है) लोगों से अपील करता हूं कि वो आगे आएं और टीका लगवाएं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सांसदों और विधायकों से भी टीका लगवाने की अपील की। 
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