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इंडिया एनर्जी फोरम में बोले प्रधानमंत्री मोदी, ऊर्जा के क्षेत्र में भारत का भविष्य शानदार और सुरक्षित

Mon, 26 Oct 2020 06:29 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार शाम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इंडिया एनर्जी फोरम को संबोधित किया। इस दौरान मोदी ने कहा कि भारत का ऊर्जा के क्षेत्र में भविष्य बहुत शानदार और सुरक्षित रहने वाला है। भारत तेजी से इस पर काम कर रहा है। आने वाले कुछ वर्षों में भारत में एनर्जी खपत दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार को कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता है।

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इंडिया एनर्जी फोरम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया की दिग्गज तेल और गैस कंपनियों के सीईओ के साथ बातचीत की। मोदी ने कहा कि भारत घरेलू विमानन के मामले में तीसरा सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ता विमानन बाजार है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अपने संबोधन के दौरान दुनियाभर के निवेशकों को क्लीन एनर्जी में निवेश के लिए आह्वान किया। उन्होंने कहा कि क्लीन एनर्जी में निवेश के लिए दुनिया में भारत सबसे बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। 
उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा योजनाओं का उद्देश्य ऊर्जा न्याय सुनिश्चित करना है। वह भी स्थायी लक्ष्यों के लिए हमारी वैश्विक प्रतिबद्धताओं का पूरी तरह से पालन करते हुए। मोदी ने आगे कहा कि दुनिया भर की बड़ी तेल कंपनियों को ऊर्जा क्षेत्र को लेकर मंथन करने की आवश्यकता है। इसके लिए भारत हमेशा सहयोग के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एनर्जी कोरिडोर बनाने की योजना है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत तीसरा बड़ा देश है, जहां घरेलू स्तर पर सबसे ज्यादा ऊर्जा की खपत होती है। भारत वैश्विक तेल एवं गैस क्षेत्र में महत्वपूर्ण देश है। कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। भारत के वैश्विक तेल एवं गैस मूल्य श्रृंखला में एक सक्रिय भागीदारी बनने के इरादे से नीति आयोग ने सबसे पहले 2016 में वैश्विक तेल एवं गैस कंपनियों के सीईओ की गोलमैज बैठक का आयोजन किया था।
प्रधानमंत्री मोदी इंडिया एनर्जी फोरम में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये भाग लिया। इस बैठक में प्रमुख तेल एवं गैस कंपनियों के करीब 45 सीईओ शामिल हुए हैं। बता दें कि इस वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन नीति आयोग और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से कराया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि नीति आयोग और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का ये 5वां कार्यक्रम है। 
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