स्वतंत्रता दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को लगातार सातवीं बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार समारोह में चुनिंदा लोग शामिल होंगे। पीएम का संबोधन ऐसे समय हो रहा है जब कई महीने से सीमा मुद्दे पर भारत-चीन के बीच तनाव चल रहा है। यह संबोधन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत समेत पूरी दुनिया महामारी से जूझ रही है।
रक्षा मंत्रालय ने 15 अगस्त को लाल किले पर आजादी पर्व के आयोजन के लिए खास तैयारी की है। मंत्रालय ने इस तरह से संतुलन बनाने का काम किया है, ताकि राष्ट्रीय उत्सव की गरिमा और पवित्रता के साथ-साथ कोरोना महामारी को देखते हुए सामाजिक दूरी भी बरकरार रहे। कम से कम भीड़ हो और आवाजाही सुगम रहे इसका पूरा ध्यान रखा गया है।
आगंतुकों को जांच के लिए कतार में न लगना पड़े इसके लिए अतिरिक्त मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं।
आगंतुकों को केवल निमंत्रण पत्र पर ही प्रवेश मिलेगा। जिन्हें औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है, उन्हें कार्यक्रम स्थल पर नहीं आने का आग्रह किया गया है। इस कार्यक्रम के लिए करीब 4000 लोगों को पास जारी किया गया है, जिनमें अधिकारी, राजनयिक और मीडियाकर्मी आदि शामिल हैं। सुरक्षा को देखते हुए इस बार स्कूली बच्चों की जगह एनसीसी कैडेट को बुलाया गया है। निमंत्रण पत्र के साथ विशेष एडवाइजरी भी जारी की गई है।