प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम 'मिशन कर्मयोगी' सरकार के मानव संसाधन प्रबंधन प्रथाओं में 'मौलिक' सुधार करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य भविष्य के लिए सिविल सेवकों को तैयार करना है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा, यह सिविल सेवकों की क्षमता बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे के पैमाने और स्थिति का उपयोग करेगा। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस फैसले से सरकार में मानव संसाधन प्रबंधन की पद्धतियों में मूलभूत सुधार आएगा।
उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'सिविल सर्विस क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम- 'मिशन कर्मयोगी' सरकार में मानव संसाधन प्रबंधन कार्य प्रणाली में मौलिक सुधार करेगा। यह सरकारी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए पैमाने और आधुनिक बुनियादी ढांचे का उपयोग करेगा।'
प्रधानमंत्री ने कहा, 'आईजीओटी प्लेटफॉर्म कार्य-आधारित मानव संसाधन प्रबंधन और निरंतर ज्ञान के लिए परिवर्तन सक्षम करेगा। मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य पारदर्शिता और प्रौद्योगिकी के माध्यम से भविष्य के लिए सरकारी कर्मचारियों को अधिक सृजनात्मक, रचनात्मक और नवोन्मेषी बनाना है।'
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सिविल सेवा क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम मिशन कर्मयोगी को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि कर्मयोगी योजना के तहत सिविल सर्विस के लोगों के लिए नई तकनीक और उनकी क्षमता पर ध्यान देने की कोशिश की जाएगी। जिसके लिए व्यक्तिगत स्तर से लेकर संस्थागत स्तर तक विकास करने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डीओपीटी के सचिव ने बताया कि इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक एचआर काउंसिल का गठन किया जाएगा, जिसका काम पूरे मिशन के तहत नियुक्ति पर निर्णय लेना होगा। साथ ही इस योजना के लिए एक बड़े स्तर पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा।
प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप के बाद यह योजना लाई गई-जितेन्द्र सिंह
केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप के बाद यह योजना लाई गई है। इससे कर्मचारियों के व्यक्तिनिष्ठ मूल्यांकन को समाप्त करने में मदद करेगा और उनका वैज्ञानिक तरीके से उद्देश्यपरक और समयोचित मूल्यांकन सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा, 'मिशन कर्मयोगी सरकारी कर्मचारियों को एक आदर्श कर्मयोगी के रूप में देश सेवा के लिए विकसित करने का प्रयास है ताकि वे सृजनात्मक और रचनात्मक बन सकें और तकनीकी रूप से सशक्त हों।'
प्रशिक्षण परिदृश्य विविधताओं से भरा और बिखरा हुआ है-सी चंद्रमौली
केंद्रीय कार्मिक व प्रशिक्षण मंत्रालय में सचिव सी चंद्रमौली ने कहा कि मिशन कर्मयोगी का गठन सटीक दृष्टिकोण, कौशल और ज्ञान के साथ भविष्य को ध्यान में रखकर सिविल सेवा का निर्माण करने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा, 'यह नए भारत की दृष्टि से जुड़ा हुआ है और क्षमता निर्माण पर केंद्रित है। मिशन कर्मयोगी अभियान सिविल सेवा क्षमता निर्माण से संबंधित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम होगा। यह न केवल व्यक्तिगत क्षमता निर्माण पर बल्कि संस्थागत क्षमता निर्माण और प्रक्रिया पर भी केंद्रित है।'
चंद्रमौली ने कहा कि वर्तमान में प्रशिक्षण परिदृश्य विविधताओं से भरा और बिखरा हुआ है। विभिन्न मंत्रालयों में, विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रशिक्षण प्राथमिकताओं में विसंगतियां हैं, इसने भारत की विकासात्मक आकांक्षाओं की साझा समझ को रोका है। उन्होंने कहा, 'एक प्रशासनिक अधिकारी को समाज की चुनौतियों का सामना करने के लिए कल्पनाशील और अभिनव, सक्रिय और विनम्र, पेशेवर और प्रगतिशील, ऊर्जावान और सक्षम, पारदर्शी और तकनीकी तौर पर दक्ष और रचनात्मक होना चाहिए।'