सरकार ने 2019 के चुनाव के पहले तक देश के हर घर में बिजली पहुंचाने की योजना को हरी झंडी दे दी है। खासतौर पर गरीबों के लिए तय किए गए इस लक्ष्य को सौभाग्य योजना के तहत पूरा किया जाएगा। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौभाग्य योजना का औपचारिक उद्धाटन किया। इस योजना का कुल बजट 16320 करोड़ रखा गया है।
इस योजना के तहत गांवों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले करीब 3 करोड़ गरीबों को फायदा होगा। ओएनजीसी के मुख्यालय दीनदयाल उर्जा भवन में आयोजित इस समारोह में उर्जा मंत्री आर के सिंह ने कहा कि हालांकि सौभाग्य योजना को पूरा करने का लक्ष्य 31 मार्च 2019 रखा गया है। लेकिन इसे 31 दिसंबर 2018 तक ही पूरा कर लिया जाएगा।
सिंह के मुताबिक इस योजना के तहत सोलर पैनल के जरिए भी बिजली मुहैया कराई जाएगी। योजना के मुताबिक गांवों में लोड शेडिंग को कम करने के लिए तमाम कवायद किए जाएंगे। गरीबों के घर में 5 एलईडी बल्व, एक पंखा और एक बैट्री को चार्ज करने के लिए मुफ्त बिजली दी जाएगी। योजना के मुताबिक सुदूर और दुर्गम इलाकों में रहने वाले गरीबों को बैट्री बैंक दिया जाएगा। इसमें 200 से 300 डब्लूपी का सोलर पावर पैक है। बैट्री बैंक में पांच एलईडी लाईटें, एक डीसी पंखा और एक डीसी पावर प्लग का प्रावधान होगा। सरकार पांच साल तक बैट्री बैंक के मरम्मत का खर्च उठाएगी।
इस योजना के तहत 2011 के सामाजिक, आर्थिक और जाति जनगणना में दर्ज गरीबों को मुफ्त में बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। जिसका नाम इस सूची में नहीं है वह 500 रुपए में अपना कनेक्शन लगवा पाएंगे। इस रकम को 10 किस्तों में बिजली बिल के रुप में लिया जाएगा।
सौभाग्य के तहत बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और उत्तर-पूर्व के राज्यों को खास तवज्जो दिया जाएगा। गांवों के गरीबों को बिजली के लिए राज्य सरकारों को सब्सिडी की व्यवस्था भी की जा रही है। इस योजना के तहत 3 करोड गरीब लोगों को फायदा पहुंचीने का लक्ष्य है।