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'पीएम मोदी जैसा कोई नहीं, वो देश के राजा हैं'

Tue, 26 Jul 2016 03:00 AM IST
कौशल कुमार ओझा/अमर उजाला, अलीगढ़
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ऑल इंडिया भिक्षु संघ के अध्यक्ष एवं धम्म चेतना यात्रा के संचालक भदंत शांति मित्र महास्थाविर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा कोई नहीं। मौजूदा समय में वे देश के राजा हैं। उन्होंने बौद्ध मत को समझा और 400 करोड़ खर्च किए।
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डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुडे़ स्थलों (लंदन, नागपुर, दिल्ली, मुम्बई और महु) को तीर्थ स्थल घोषित किया गया। उन्होंने उनकी धर्मनीति को माना। इसलिए धम्म चेतना यात्रा में उनके नाम एवं तस्वीर डाली गई है। उन्होंने मोदी के पक्ष में कसीदे पढ़ते हुए कहा कि बौद्ध धर्म एवं अंबेडकर के विचारों के प्रसार के लिए जितना किया किसी अन्य प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री ने नहीं किया।

अलीगढ़ धम्म चेतना यात्रा लेकर आए भदंत शांति मित्र ने सोमवार को रामघाट रोड स्थित तरुण वैली में अमर उजाला से विशेष बातचीत की। उन्होंने कहा कि महात्मा बुद्ध के संपर्क में आकर अंगुलिमाल डाकू, भिक्षु बन गया था। धम्म चेतना यात्रा का लक्ष्य भी यही है। संपर्क में आने से संस्कार बदलेगा। जाति एवं मजहबी समीकरण टूटेंगे। मोदी सम्राट अशोक जैसे धर्म सापेक्ष शासन की तरह काम कर रहे हैं। धम्म कल्याणकारी मार्ग है। दल के दल-दल में फंसे लोग हमें ठीक से नहीं समझ पा रहे, इसलिए विरोध कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि भाजपा ही नहीं अन्य दलों के लिए थी उनके दरवाजे खुले हैं। बसपा के लोग भी जुड़ सकते हैं। सराय मान सिंह बौद्ध विहार में धम्म यात्रा रोके जाने पर उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने दलितों को मंदिर में प्रवेश रोके जाने का विरोध किया था। इसके लिए संविधान में कानून बनाए। मंदिर प्रवेश का अधिकार दिलाया।

आज उसी बाबा साहब का नाम लेकर कुछ लोग धार्मिक स्थल पर बौद्ध भिक्षुओं को प्रवेश करने से रोक रहे हैं। जाति भावना में आकर लोगोंने आज अंबेडकर को ही कैद कर रखा है। बाबा साहब ने विश्व बंधुत्व का रास्ता दिखाया है। उन्हें जाति से जोड़ना उचित नहीं है। 
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संघ नायक को गोली मारे जाने की आशंका

आल इंडिया भिक्षु संघ के संघ नायक एवं पूर्व सांसद भदंत वीरियो को धम्म चेतना यात्रा के दौरान गोली मारे जाने की आशंका है। इसका कारण वे धर्म प्रचार को मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि धम्म चेतना यात्रा का विरोध और नारेबाजी करने वालों को शर्म आनी चाहिए। वे बौद्ध भिक्षु हैं और पद्म पुरस्कार प्राप्त करने का माददा रखते हैं। इससे मायावती के वर्कर्स को चीढ़ नहीं होना चाहिए। गुंडागर्दी, आतंकवाद, उग्रवाद, नक्सलवाद का बौद्धिक परिवर्तन करके सामाजिक परिवर्तन लाना है। 

धम्म चेतना यात्रा 
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 125 वीं जयंती पर पर धम्म चेतना यात्रा का शुभारंभ 24 अप्रैल 2016 को सारनाथ से किया गया था। 14 अक्टूबर 2016 को प्रदेश भ्रमण के बाद लखनऊ में इसका समापन होगा। अलीगढ़ में चेतना यात्रा 23 अप्रैल को पहुंची। जनपद में तीन दिन रहने के बाद यात्रा 25 जुलाई को हाथरस में प्रवेश करेगी। अलीगढ़ में सराय मान सिंह एवं खैर आदि में विरोध के कारण धम्म चेतना यात्रा में शामिल भिक्षुक आहत हैं। इस यात्रा का सहयोग भाजपा द्वारा किया जा रहा है। जनपद में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन भाजपा नेताओं के सहयोग से किया जा रहा है। इसके लिए जनपद से लेकर विधान सभा क्षेत्र स्तर तक पदाधिकारियों की तैनाती की गई है।
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