ऑल इंडिया भिक्षु संघ के अध्यक्ष एवं धम्म चेतना यात्रा के संचालक भदंत शांति मित्र महास्थाविर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा कोई नहीं। मौजूदा समय में वे देश के राजा हैं। उन्होंने बौद्ध मत को समझा और 400 करोड़ खर्च किए।
डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुडे़ स्थलों (लंदन, नागपुर, दिल्ली, मुम्बई और महु) को तीर्थ स्थल घोषित किया गया। उन्होंने उनकी धर्मनीति को माना। इसलिए धम्म चेतना यात्रा में उनके नाम एवं तस्वीर डाली गई है। उन्होंने मोदी के पक्ष में कसीदे पढ़ते हुए कहा कि बौद्ध धर्म एवं अंबेडकर के विचारों के प्रसार के लिए जितना किया किसी अन्य प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री ने नहीं किया।
अलीगढ़ धम्म चेतना यात्रा लेकर आए भदंत शांति मित्र ने सोमवार को रामघाट रोड स्थित तरुण वैली में अमर उजाला से विशेष बातचीत की। उन्होंने कहा कि महात्मा बुद्ध के संपर्क में आकर अंगुलिमाल डाकू, भिक्षु बन गया था। धम्म चेतना यात्रा का लक्ष्य भी यही है। संपर्क में आने से संस्कार बदलेगा। जाति एवं मजहबी समीकरण टूटेंगे। मोदी सम्राट अशोक जैसे धर्म सापेक्ष शासन की तरह काम कर रहे हैं। धम्म कल्याणकारी मार्ग है। दल के दल-दल में फंसे लोग हमें ठीक से नहीं समझ पा रहे, इसलिए विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा ही नहीं अन्य दलों के लिए थी उनके दरवाजे खुले हैं। बसपा के लोग भी जुड़ सकते हैं। सराय मान सिंह बौद्ध विहार में धम्म यात्रा रोके जाने पर उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने दलितों को मंदिर में प्रवेश रोके जाने का विरोध किया था। इसके लिए संविधान में कानून बनाए। मंदिर प्रवेश का अधिकार दिलाया।
आज उसी बाबा साहब का नाम लेकर कुछ लोग धार्मिक स्थल पर बौद्ध भिक्षुओं को प्रवेश करने से रोक रहे हैं। जाति भावना में आकर लोगोंने आज अंबेडकर को ही कैद कर रखा है। बाबा साहब ने विश्व बंधुत्व का रास्ता दिखाया है। उन्हें जाति से जोड़ना उचित नहीं है।