प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार की सुबह जापान पहुंचे। इसके बाद उन्होंने थाई किंग को श्रद्धांजलि दी। वहां होने वाले वार्षिक समिट के दौरान वह अपने समकालीन शिंजे आबे से मुलाकात करेंगे।
एक्सपर्ट का मानना है कि नरेंद्र मोदी और शिंजे आबे की इस मुलाकात के दौरान परमाणु डील और निवेश के साथ-साथ साउथ चाउना सी पर भी बात हो सकती है। बताते चलें कि साउथ चाइना सी पर ही भारत द्वारा अपना हक जताने पर चीन ने चेतावनी दी है।
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, साउथ चाइना सी विवाद में भारत की भूमिका से वह सिर्फ अमेरिका का एक मोहरा ही बनकर रह जाएगा। इसके बाद दोनों देशों के व्यापारिक संबंध बिगड़ने से भारत को नुकसान उठाना पड़ेगा।
अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने भारत-जापान के बीच इस नए रिश्ते पर आपत्ति जताई है। चीन का मानना है कि इससे भारत और बीजिंग के बीच बने रिश्ते खराब होंगे।