ऐसा माना जा रहा है कि रणनीति के तहत केंद्र सरकार अपने बजट में ग्रामीण क्षेत्रों पर खास ध्यान दे सकती है। इसलिए बजट में कृषि, कर्ज और नौकरियों जैसे क्षेत्रों का खास ध्यान रखा जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार अपने भाषणों किसानों की आय को दोगुना करने की बात रख चुके हैं और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा सकते हैं।
दरअसल, गुजरात चुनाव में भाजपा ने बहुमत से जीत हासिल कर ली हो, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में उसे कई जगह नुकसान झेलना पड़ा। ये भी बताया जा रहा है कि भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी फिर से पकड़ मजबूत करने की हर कोशिश में जुट गई है।
केंद्र सरकार अपने इस कार्यकाल में किसानों के लेकर कदम उठाए जाने पर कई बार विपक्ष के हाथों घिर चुकी है। फिर चाहे मध्यप्रदेश किसान आंदोलन की आग हो या हरियाणा में किसानों का विरोध।
बता दें कि 130 अरब जनसंख्या वाले देश की करीब 68 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी हुई है, इसलिए सरकार अब इस पर विशेष ध्यान देगी। पिछले कुछ सालों के आंकड़े देखे तो ग्रामीण क्षेत्र की विकास दर महज 1 फीसदी है और इस पर कई बार विरोध भी किया जा चुका है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल में कहा था कि विकास दर नीचे है, लेकिन अच्छे दिन आ गए हैं।