प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 'मन की बात' के जरिए देश को संबोधित किया। 31वीं बार प्रसारित हो रहे इस प्रोग्राम में पीएम ने गर्मी, वीआईपी कल्चर और भगवान बुद्ध के विषय में बात की। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने कहा कि देश के युवा खाने और अन्न की बचत में पूरा सहयोग दे रहे है। लोगों को जुड़ने के लिए शुक्रिया अदा किया। इसके अलावा उन्होंने 1 मई पर गुजरात और महाराष्ट्र के स्थापना दिवस की बधाई दी।
गर्मी के मौसम में पीएम ने क्लाइमेट की चेंज की बात। उन्होंने कहा कि मई-जून वाली गर्मी मार्च-अप्रैल में महसूस की जाने लगी है। पीएम ने पशु-पक्षियों से लगाव की बात करते हुए कहा कि बच्चों का इस विषय में खास रुचि रहती है। पीएम मोदी ने गर्मी के दिनों में पोस्टमैन, सब्जी वाले और कुरियर वालों को पानी के लिए पूछने की अपील की।
उन्होंने गर्मी की छुट्टियों युवाओं से अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकल कर नई स्किल और हुनर सीखने के लिए कहा। बकौल पीएम गर्मी की छुट्टियों में युवाओं को भीड़भाड़ ट्रेन में सफर करना चाहिए। कभी गरीब और पिछड़े इलाकों में अपने खेल के संसाधन लेकर जाएं वहां के वंचित बच्चों के साथ खेलें। उन्होंने कहा कि युवाओं की तकनीक से दूर जाकर हुनर का विकास करें। तकनीक हमें अपनों से दूर लेकर जा रही है।
मन की बात
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उन्होंने कहा कि युवाओं को ट्रेवलिंग, स्विमिंग, कैपिंग जैसे अनुभव लेने चाहिए। ऐसे अनुभव साझा करने के लिए #IncredibleIndia के साथ तस्वीरें पोस्ट करें। साथ ही पीएम ने कहा कि स्मार्ट जेनेरेशन को अपने सफर के दौरान भीम एप और डिजिटल कैश को लोकप्रिय बनाना चाहिए।
हालांकि, पीएम से संबोधन में सबसे बड़ी बात बात वीआईपी कल्चर को खत्म करने की रही। इस विषय में उन्होंने कहा कि लाल बत्ती धीरे-धीरे दिमाग में घर कर जाती थी और उस व्यक्ति का खौफ बन जाता था। उन्होंने VIP की जगह EPI पर जोर दिया। पीएम मोदी ने ईपीआई का मतलब 'एवरी पर्सन इज इंपोर्टेंट' बताया।
इसके अलावा रामानुजाचार्य जी की 1000वीं जयंती पर रामानुजाचार्य जी ने समाज में समानता और समरसता के लिए अमूल्स योगदान दिया। महापुरुष हमारे समाज से निकलते हैं और ऐसै महापुरुषों के सम्मान में रामानुजाचार्य जी के 1000वीं जयंती पर सरकार एक नई स्टांप निकालेगी।
mann ki baat
एक मई यानी श्रमिक दिवस पर उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि उन्हीं के योदान और प्रयासों ने श्रमिकों को समाज में सम्मानपूर्वक जीवन दिया। उन्होंने कन्नड़ भाषा में जगतगुरु बसवेश्वर को याद करते हुए कहा, "'काय कवे कैलास' यानी श्रम और कर्म से ही शिव की प्राप्ति हो सकती है। श्रम ही शिव है।"
बु्द्ध पूर्णिमा का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि भगवान बुद्ध के विचार युद्ध, आतंकवाद, जैसी समस्याओं से लड़ने में प्रेरणादायक। इस साल बुद्ध पूर्णिमा पर श्रीलंका में होंगे पीएम, जहां वो संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित वेसक दिवस में हिस्सा लेंगे। इस साल 5 मई भारत दक्षिण एशिया सैटेलाइट लॉन्च करेगा, जो इस क्षेत्र के देशों को जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत के विकास के लिए पड़ोसी देशों का विकास जरूरी है।