पीएम मोदी ने बताया अपने जीवन का मंत्र।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी जिंदगी उन्होंने नहीं बल्कि परिस्थितियों ने बनाई है। बचपन में उन्होंने जिस तरह की जिंदगी जी है, उसने उन्हें कुछ सिखाया है। पीएम मोदी ने कहा, एक तरह से, यह मेरी सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी थी। मुसीबतों की यूनिवर्सिटी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है और मैंने मुसीबतों से प्यार करना सीखा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिरोधा के सह संस्थापक निखिल कामथ के साथ अपने पहले पॉडकास्ट में कहा, मैं ऐसे राज्य से आता हूं जहां मैंने माताओं और बहनों को सिर पर घड़ा रखकर दो-दो, तीन-तीन किलोमीटर पैदल चलते देखा है...मेरी गतिविधियां सहानुभूति का परिणाम हैं। मैं लोगों के सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करता हूं। पीएम मोदी ने गलतियों के सवाल पर कहा, मेरे जैसे सभी मनुष्य, गलतियां करने के लिए प्रवृत्त होते हैं, लेकिन यह गलत इरादे से काम करने की कीमत पर नहीं होना चाहिए। जब मैं मुख्यमंत्री बना, तो मैंने एक भाषण दिया, जिसमें मैंने कहा, मैं कड़ी मेहनत से पीछे नहीं हटूंगा। मैं अपने लिए कुछ नहीं करूंगा और मैं इंसान हूं जो गलतियां कर सकता है, लेकिन मैं कभी भी बुरी नीयत से कुछ गलत नहीं करूंगा। यही मेरे जीवन का मंत्र है।
2047 तक भारत के लिए सभी समस्याओं का समाधान चाहता हूं
पीएम मोदी ने कहा, पहले कार्यकाल में लोग मुझे और मैं दिल्ली को समझने की कोशिश कर रहा था। दूसरे कार्यकाल में मैं अतीत के नजरिये से सोचता था। तीसरे कार्यकाल में मेरी सोच बदल गई है, मेरा मनोबल ऊंचा है और मेरे सपने बड़े हो गए हैं। मैं 2047 तक विकसित भारत के लिए सभी समस्याओं का समाधान चाहता हूं। पीएम मोदी ने कहा, सरकारी योजनाओं की 100% डिलीवरी होनी चाहिए। यही असली सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता है। इसके पीछे प्रेरक शक्ति है ‘एस्पिरेशनल इंडिया’ मेरी प्रेरक शक्ति है।
उद्यमी आगे बढ़ाता है अपनी कंपनी को राजनेता समाज के लिए करता है खुद त्याग
उद्यमी और राजनेता के अंतर पर प्रधानमंत्री ने कहा, उद्यमी खुद को और अपनी कंपनी को आगे बढ़ाना चाहता है, जबकि राजनेता में समाज के लिए खुद को त्यागने की क्षमता होनी चाहिए। उद्यमी को सोचना है कि कंपनी को नंबर वन कैसे बनाया जाए। राजनीति में राष्ट्र पहले होना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा,राजनीति में आने के लिए चुनाव लड़ना जरूरी नहीं है। समाज उन राजनेताओं को स्वीकार करता है जिनकी मानसिकता राष्ट्र पहले की होती है।
भविष्य के लिए अच्छे नेताओं की टीम बनाना ही हमारी सफलता
पीएम मोदी ने कहा कि वह अपनी सफलता इस बात में देखते हैं कि वह किस तरह से एक ऐसी टीम तैयार करते हैं जो चीजों को कुशलता से संभाल सके, कई युवा राजनेता हैं जिनमें संभावनाएं हैं। मोदी ने कहा, जब मैं गुजरात में था, तो मैं कहता था कि मैं अगले 20 सालों के लिए (टीम) तैयार करके जाना चाहता हूं। मैं ऐसा कर रहा हूं। मेरे लिए यही मेरा बेंचमार्क है।
सोशल मीडिया ने लोकतंत्र को किया और मजबूत
सोशल मीडिया के महत्व पर पीएम मोदी ने कहा, सोशल मीडिया ने सूचनाओं को सत्यापित करने के तरीके खोलकर लोकतंत्र को मजबूत किया है। पहले यह जानकारी बहुत कम स्रोतों से उपलब्ध थी और इसके लिए बहुत कम विकल्प थे। कुछ लोग ही घटनाओं की रिपोर्ट करते थे और उनके बयान को सच मान लिया जाता था। मोदी ने कहा, आप फंस गए थे क्योंकि सत्यापन की मांग करने का कोई अवसर नहीं था। लेकिन, आज आपके पास विभिन्न प्लेटफार्मों पर सूचनाओं को सत्यापित करने का विकल्प है। सब कुछ आपके मोबाइल फोन पर उपलब्ध है। अगर आप थोड़ा ध्यान दें तो सच्चाई का पता लगा सकते हैं। यही कारण है कि सोशल मीडिया लोकतंत्र को मजबूत कर सकता है।