मीडिया के आकलन को दर किनार करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करके सरकार का इकबाल बुलंद रखने का संदेश दे दिया है। रविवार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चार राज्यमंत्री को कैबिनेट मंत्री दर्जा देकर उनके साथ नौ नये चेहरे को राज्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस क्रम में केन्द्रीय मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे को लेकर प्रधानमंत्री ने बड़ा निर्णय लिया है। परिवहन मंत्री नितिन गडकरी,पीयुष गोयल और निर्मला सीतारमण की जिम्मेदारी बढ़ाई है। निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्री बनाकर प्रधानमंत्री ने उन्हें काम का ईनाम दिया है। बिना चर्चा में बने निर्मला की सक्रियता को अहमियत देते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्री की जगह दी है।
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पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के बाद देश के रक्षा मंत्रालय का पदभार संभालने वाली निर्मला सीतारमण देश की दूसरी महिला होंगी। इस तरह से वह सुरक्षा मामलों की महत्वपूर्ण मंत्रमंडलीय समिति में बैठने वाली मंत्री हो गई हैं। प्रधानमंत्री ने उमा भारती के कद को घटाया है। अब वह केवल पेयजल और स्वच्छता मामलों की ही मंत्री रहेंगी। जबकि अपने बेहतरीन कामकाज के लिए जाने जाने वाले नितिन जयराम गडकरी पर काम का बोझ बढ़ गया है।
गडकरी को अब नदी विकास, गंगा स्वच्छता अभियान, एवं जल संसाधन विकास मंत्रालय की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। गडकरी इसके अलावा भूतल परिवहन और जहाजरानी मंत्रालय का पहले की तरह कामकाज देखते रहेंगे। पीयुष गोयल को ऊर्जा मंत्रालय में सुधार का श्रेय देते हुए प्रधानमंत्री ने बड़ा ईनाम दिया है।
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गोयल को कोयला मंत्रालय के रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि सुरेश प्रभु को रेल मंत्रालय से हटाकर उन्हें वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का कार्यभार दिया है। प्रधानमंत्री ने धर्मेन्द्र प्रधान का कद बढ़ाया है। धर्मेन्द्र प्रधान को पिट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय की भी जिम्मेदारी दी है। वहीं मुख्तार अब्बास नकवी को अल्पसंख्यक विभाग मंत्रालय में अब कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला है।