मामले के एक दोषी प्रदीप साहू उर्फ पाडिया की पिछले साल फरवरी में यहां कैपिटल हॉस्पिटल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में सबसे पहले 15 जनवरी, 1999 को पाडिया को गिरफ्तार किया गया था। खुर्दा जिला सत्र न्यायाधीश ने 2002 में उसे एवं टूना मोहंती को दोषी ठहराया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई दी। उच्च न्यायालय ने इस फैसले को बरकरार रखा था।
इन तीनोंदोषियों ने 1999 में नौ-10 जनवरी की रात में बारंगा के निकट महिला की कार रोक ली थी और उससे सामूहिक बलात्कार किया था। महिला अपने एक पत्रकार मित्र के साथ कार से कटक जा रही थी। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।
पीड़िता ने आरोपी मृत्युदंड देने की मांग की
सूत्रों ने बताया कि पुलिस अब बिबन को सीबीआई को सौंपेगी, जो उसे आधिकारिक रूप से गिरफ्तार करेगी। महिला ने मुख्य आरोपी को मृत्युदंड दिए जाने की मांग की है।