Congress: शिकायत में राहुल गांधी पर मार्च 2023 में लंदन में एक भाषण में वीडी सावरकर के बारे में झूठे दावे करने का आरोप लगाया गया था। शिकायत के मुताबिक, राहुल ने अपने भाषण में दावा किया कि सावरकर ने एक किताब में लिखा था कि उन्होंने और उनके पांच से छह दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति को पीटा था और वह इससे (सावरकर) खुश थे।
पुणे पुलिस ने सोमवार को एक अदालत में राहुल गांधी पर विनायक दामोदर सावरकर को बदनाम करने का आरोप लगाने वाली शिकायत को सही बताया है। शिकायत में कांग्रेस नेता पर 2023 में लंदन में एक भाषण में हिंदुत्व विचार को बदनाम करने का आरोप लगाया गया था।
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शिकायतकर्ता सत्यकी अशोक सावरकर के वकली संग्राम कोल्हटकर ने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) अक्षी जैन की अदालत में रिपोर्ट सौंपी गई। कोल्हटकर ने कहा कि अदालत राहुल गांधी को नोटिस जारी कर पेश होने के लिए कह सकती है। सत्यकी सावरकर ने अप्रैल 2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था और शहर की अदालत का रुख किया था। अदालत ने विश्रामबाग पुलिस से कहा था कि वह सत्यकी द्वारा सौंपे गए सबूतों का सत्यापन करे और 27 मई तक रिपोर्ट सौंपे।
कोल्हटकर ने कहा कि शिकायत में राहुल गांधी पर मार्च 2023 में लंदन में एक भाषण में दिवंगत क्रांतिकारी (वीडी सावरकर) के बारे में झूठे दावे करने का आरोप लगाया गया था। शिकायत के मुताबिक, राहुल गांधी ने अपने भाषण में दावा किया कि वी डी सावरकर ने एक किताब में लिखा था कि उन्होंने और उनके पांच से छह दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति को पीटा था और वह इससे (सावरकर) खुश थे।
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शिकायत में राहुल गांधी के आरोप को काल्पनिक, झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया गया था। इसमें सत्यकी सावरकर ने कहा था कि ऐसी कोई भी घटना कभी नहीं हुई थी और वी डी सावरकर ने कभी भी ऐसी कोई बात नहीं लिखी थी। कोल्हटकर ने कहा, विश्रामबाग पुलिस ने आज अदालत के सामने एक रिपोर्ट पेश की और अदालत को बताया कि उनकी जांच में यह पता चला है कि वी डी सावरकर ने अपनी किसी भी किताब में इस तरह की घटना के का बारे में नहीं लिखा था। लेकिन इसके बावजूद राहुल गांधी ने मार्च 2023 में लंदन में अपने भाषण के दौरान इस तरह की टिप्पणी की और सावरकर को बदनाम किया।
पुलिस ने कहा कि सत्यकी सावरकर की ओर से दायर शिकायत प्रथम दृष्टया सही है कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में वी डी सावरकर को बदनाम किया था। संपर्क किए जाने पर सहायक पुलिस निरीक्षक तुकाराम निंबालकर ने अदालत में रिपोर्ट जमा होने की पुष्टि की।